नावानगर : दुर्गापूजा महोत्सव को लेकर स्थानीय प्रखंड के नावानगर, सिकरौल, सोनवर्षा के विभिन्न पूजा समितियों की ओर से आकर्षक पंडाल बनाने की धूम मची हुई है. इस सिलसिले में क्षेत्र के स्थानीय गांव नावानगर में श्री दुर्गापूजा समिति छात्र कला परिषद नावानगर पूजा समिति की ओर से पंडाल की आकृति असम के जगन्नाथ मंदिर का दिया जा रहा है. इसके लिए कोलकाता एवं डेहरी के मशहूर कारीगरों को बुलाया गया है. आयोजकों के अनुसार पंडाल की लंबाई लगभग 42 फुट होगी, जिसमें स्थापित मां भगवती के सारे स्वरुप व नव दुर्गा के विभिन्न रूपों का क्षेत्रीय लोग दर्शन करेंगे.
लोगों को मां की प्रतिमा के साथ-साथ पेरिस के शिव मंदिर का भगवान शिव की प्रतिमा भी इस बार देखने को मिलेगी. जहां शिव के जटा से अनवरत गंगा बहती रहेगी. इन प्रतिमाओं के निर्माणकर्ता कलाकार ओमप्रकाश कुमार, रवि शर्मा एवं मंगल शर्मा बताते हैं कि मां दुर्गा की प्रतिमा जगन्नाथ मंदिर की भव्य शेरावाली माता का स्वरूप का होगा, जो माता वृंदावन के मंदिर स्वरूप में विराजमान रहेंगी, जिसमें माता दयावान बनकर सभी श्रद्धालुओं को अपनी गोद में बैठायेंगी.
वहीं, पंडाल निर्माता रिटूं आर्ट बुद्धदेव शर्मा, मुरारी सिंह, रामजी राम बताते हैं कि दुर्गा माता का यह पंडाल 42 फुट ऊंचा होगा, जो काफी आकर्षक एवं लुभावना होगा. समिति के अध्यक्ष मंगल सिंह बताते हैं कि पूजा पंडाल में माता भगवती के नौ स्वरूपों सहित हनुमान, गणेश, कार्तिकेय समेत कुल 17 प्रतिमाओं को स्थापित किया जायेगा. प्रतिमा स्थापित करने का लाइसेंस मुस्लिम के नाम से होता है, जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारा का प्रतीक होता है.
