पिछले वर्ष ही निकली थी निविदा, 96 लाख की लागत से होगा निर्माण
डुमरांव : नगर पर्षद क्षेत्र की मुख्य सड़क के किनारे ग्रीन पार्क रहित दोमंजिला सामुदायिक भवन बनाने की संरचना तैयार हुई. वित्तीय वर्ष, 2016-17 में ही निविदा निकली गयी. 96 लाख की राशि से जिला योजना विभाग की ओर से इसका क्रियान्वयन करना था. सूबे की सरकार की ओर से बालू खनन पर रोक लगते ही यह योजना खटाई में पड़ गयी.
चकबंदी कार्यालय के बगल में राज्यसभा सांसद व जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने छह जनवरी को भूमि पूजन कर कार्ययोजना की शुरुआत की थी. इस दौरान योजना के क्रियान्वित करनेवाली कार्य एजेंसी हाथ-पर-हाथ रख बैठी रही. योजना को पूरा करने का लक्ष्य 12 माह रखा गया था, लेकिन नौ माह गुजरने के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
एजेंसी व बालू अभाव के बीच योजना उलझ कर रह गयी है. पदाधिकारियों की उदासीनता और उचित मॉनीटरिंग के अभाव में नौ माह गुजरने के बाद भी नींव खुदाई का काम शुरू नहीं हो सका.
सांसद ने की थी पहल : गरीबों की बेटियों की शादी और अन्य कार्यक्रम कराने के लिए राज्यसभा सांसद ने जिला योजना विभाग से पर्यावरण रहित दोमंजिला भवन बनाने की पहल की थी. डीपीआर तैयार होने के बाद अपनी निधि से 96 लाख रुपये की मंजूरी दी है. बताया जाता है शहर के लोगों ने इसकी मांग सांसद के समक्ष उठाया था.
यह है कार्य योजना : स्थानीय चकबंदी कार्यालय के लंबे-चौड़े भू-भाग से इस योजना के लिए चार हजार वर्गफुट जमीन को अधिग्रहण किया गया है. इस जमीन पर पर्यावरण रहित ग्रीन पार्क, वाहन पार्किंग, चारों बगल गैलरी, निचले तल्ले पर बड़ा सभागार, रसोईघर, शौचालय, चार कमरा, दूसरे तल्ले पर दो अतिथि कमरा, एक बड़े हॉल में 100 कुर्सी, बिजली-पानी आदि की सुविधा मिलेगी.
बालू का बना है अभाव : सांसद प्रतिनिधि डॉ सुभाष चंद्रशेखर ने बताया कि बालू खनन के रोक के कारण एजेंसी ने हाथ खड़ा कर दिया है. बालू की सुविधा मिलते ही सामुदायिक भवन का काम सुचारु रूप से शुरू कराया जायेगा.
