बक्सर : अशोक यादव के अपराध की फेहरिस्त काफी लंबी है. 40 वर्ष की उम्र में उस पर 40 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. अब तक वह दो राज्यों के आठ जेलों में सजा काट चुका है. बिहार के बक्सर और भोजपुर में भी लूटपाट के कई मामले दर्ज हैं. जबकि उत्तरप्रदेश के वाराणसी, […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बक्सर : अशोक यादव के अपराध की फेहरिस्त काफी लंबी है. 40 वर्ष की उम्र में उस पर 40 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. अब तक वह दो राज्यों के आठ जेलों में सजा काट चुका है. बिहार के बक्सर और भोजपुर में भी लूटपाट के कई मामले दर्ज हैं. जबकि उत्तरप्रदेश के वाराणसी, मुगलसराय, मिर्जापुर, इलाहाबाद, गहमर में भी कई मामले दर्ज हैं.
18 साल की उम्र में ही इसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. सबसे पहले भूमि विवाद में अपने चचरे भाई पर गोली चलायी थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया. इसको लेकर एक मामला दर्ज कराया गया था. इस मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी. जेल से रिहा होने के बाद उसने ट्रेनों में लूटपाट करनी शुरू कर दी. अब तक 30 से ज्यादा ट्रेनों में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है.
वेश बदलने में भी है माहिर: अशोक बहुत ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है. इसके बावजूद कंप्यूटर और साइबर क्राइम का ज्ञान रखता है. उसकी खासियत यह है कि अपराध करने के बाद दूसरे दिन भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है. जबकि अमूमन अपराधी अपराध करने के बाद इलाके को छोड़ देते हैं. अशोक दो-तीन घटनाओं को अंजाम देने के बाद ही इलाके से गायब होता है.
18 अगस्त को गरीबरथ एक्सप्रेस में लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे दिन भी पंजाब मेल में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए आया था, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण सफल नहीं हो पाया. पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली कि अशोक यादव स्टेशन पर आया है. गिरफ्तारी के लिए जब तक पुलिस पहुंच पाती, वह वेश बदलकर फरार हो गया.
ड्रग्स की सूई से पकड़ में आया अशोक : पुलिस ने पूरे 15 दिन उसकी गिरफ्तारी को लेकर रेकी की थी. इस दौरान पुलिस को पता चला कि वह ड्रग्स का भी आदी हो चुका है. जब उसकी गिरफ्तारी हुई, तो उसके पास से ड्रग्स के कई इंजेक्शन बरामद हुए. पुलिस ड्रग्स के कारोबार करनेवाले तस्कर की गिरफ्तारी को लेकर लगी हुई है. चोरी छिपे जिले में ड्रग्स का कारोबार फल फूल रहा है.
पूछताछ के लिए पहुंचेगी यूपी पुलिस : अशोक यादव से पूछताछ करने के लिए उत्तरप्रदेश के मुगलसराय, बनारस और मिर्जापुर की पुलिस पहुंचेगी, जहां उससे पूछताछ करेगी. पूछताछ करने के लिए बक्सर जीआरपी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन देगी, जहां कोर्ट से आदेश मिलने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. इधर गैंग के और सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी है.