बक्सर : बक्सर रेल पुलिस को बुधवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. जीआरपी ने अंतर्राज्यीय ट्रेन लूट गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा. पकड़े गये सदस्यों के पास से अमेरिकी डॉलर, पांच मोबाइल, चार चाकू तथा भारी मात्रा में ड्रग्स का इंजेक्शन बरामद हुआ है. गिरोह का मास्टरमाइंड अशोक यादव है. जिस […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बक्सर : बक्सर रेल पुलिस को बुधवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. जीआरपी ने अंतर्राज्यीय ट्रेन लूट गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा. पकड़े गये सदस्यों के पास से अमेरिकी डॉलर, पांच मोबाइल, चार चाकू तथा भारी मात्रा में ड्रग्स का इंजेक्शन बरामद हुआ है. गिरोह का मास्टरमाइंड अशोक यादव है. जिस पर उत्तर प्रदेश और बिहार जीआरपी में कई मामले दर्ज हैं.
मास्टरमाइंड पर पटना में भी लूट का मामला दर्ज है. गत वर्ष ट्रेन में दो जवानों की हत्या और राइफल लूट मामले में भी मास्टरमाइंड से पूछताछ होगी. रेल एसपी जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि 18 अगस्त को गरीबरथ एक्सप्रेस में ग्रेटर नोएडा की रहने वाली राहुल मिश्रा की पत्नी अमृता मिश्रा से गन प्वाइंट पर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था. इसके बाद से ही पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर लगी हुई थी. इंस्पेक्टर रवि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था. जिसके बाद यात्री के बताये गये हुलिया के अनुसार उसका स्केच तैयार किया गया. जहां से मंगलवार की रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चकरहसी गांव स्थित अशोक यादव के घर छापेमारी की गयी.
जहां से उसे गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर तीन और लोग गिरफ्तार किया गया. जो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी निवासी विक्की चौरसिया, मोती यादव तथा इटाढ़ी थाना क्षेत्र के बिझौरा गांव निवासी गोविंद यादव उर्फ धोनी को गिरफ्तार किया गया. सभी ने पुलिस के समक्ष गरीबरथ में लूटपाट करने तथा भदौरा स्टेशन मास्टर से लूट करने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
18 वर्ष की उम्र में ही अशोक यादव ने अपराध की दुनिया में अपना पैर रख दिया था. उसके खिलाफ सबसे पहले मामला 1989 में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया. इसके बाद लगातार अपराध पर अपराध करते गया और कई घटनाओं को अंजाम दिया. कई बार पुलिस की पकड़ में आया लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया. उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद, मुगलसराय, मिर्जापुर तथा बक्सर के नगर थाना, मुफस्सिल थाना तथा आरा के जीआरपी में लूटपाट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं. जनवरी में जेल से रिहा होने के बाद अशोक यादव ने नये-नये लड़कों को अपने गैंग में शामिल कर लिया था. जिनके साथ अापराधिक घटनाओं को अंजाम दिया करता था.फिलहाल अभी दो मामलों का खुलासा हुआ है. पुलिस यह जानने में जुटी हुई है कि अमेरिकी डॉलर कहां से और किस यात्री से लूटा गया है.
पुरस्कृत किये जायेंगे टीम के सभी सदस्य : लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए एसपी के नेतृत्व में गठित टीम में इंस्पेक्टर रवि प्रकाश सिंह, जीआरपी थानाध्यक्ष अली अकबर खां, एएसआइ लल्लू सिंह, सिपाही ईश्वर, कमलेश, संजय, रमेश पांडेय एवं राजेश शामिल थे. सभी को मुख्यालय में पुरस्कृत किया जायेगा.
15 दिनों रेकी के बाद पुिलस की पकड़ में आया मास्टरमाइंड अशोक यादव
अशोक यादव की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम 15 दिनों से रेकी कर रही थी. फिर भी वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था. पुलिस को जब सही सूचना मिली कि अशोक यादव अपने घर आया हुआ है. इसके बाद छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया. पुलिस की भनक लगते ही छत से अशोक यादव पास के पोखर में कूद पड़ा. जिसके बाद पुलिस भी पोखर में कूदकर उसे पकड़ा. छापेमारी के दौरान उसके घर से ड्रग्स के कई इंजेक्शन भी मिले हैं. इंस्पेक्टर रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि अशोक यादव ड्रग्स का आदी हो चुका है.