बक्सर, कोर्ट : कोर्ट का आदेश नहीं मानना तत्कालीन दारोगा रवींद्र तिवारी और डॉक्टर ए कुमार को महंगा पड़ गया. दारोगा और डॉक्टर के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. बार-बार सम्मन भेजने के बावजूद गवाही देने कोर्ट में दोनों उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह प्रभारी जिला जज अशोक कुमार पांडेय के कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. कोर्ट का कहना है कि गवाही की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मामला लंबित हो रहा था.
मामला ब्रह्मपुर कांड संख्या 5/2014 एवं सत्र वाद संख्या 177/2014 से संबंधित है, जिसमें सरकार बनाम शंकु यादव उर्फ मूसा यादव का मामला दर्ज किया गया था. न्यायालय द्वारा सुनवाई के लिए मामले में संबंधित दारोगा, चिकित्सक एवं गवाह को बार-बार सूचना दी गयी. 23 जुलाई, 2016 को सरकारी मोबाइल के द्वारा भी गवाही के लिए सूचित किया गया.
बावजूद इसके वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए. जिसके चलते मामले को निष्पादित करने में बाधा आ रही थी. उक्त मामले में अपर लोक अभियोजक शशि भूषण सिंह ने बताया कि कांड में दर्ज मोबाइल नंबर पर भी संपर्क किया गया था. इसके साथ ही कोर्ट से सम्मन भी जारी हुआ था. फिर भी दोनों लोग कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे, जिसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया.
