प्ली बार्गेनिंग समझौते का अच्छा निदान

सेंट्रल जेल के बंदियों को दी गयी कानून की जानकारी बक्सर, कोर्ट : उच्च न्यायालय के निर्देश पर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को सेंट्रल जेल बक्सर में प्ली बार्गेनिंग से संबंधित कानून की जानकारी देने के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जेल अधीक्षक विजय […]

सेंट्रल जेल के बंदियों को दी गयी कानून की जानकारी
बक्सर, कोर्ट : उच्च न्यायालय के निर्देश पर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को सेंट्रल जेल बक्सर में प्ली बार्गेनिंग से संबंधित कानून की जानकारी देने के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया.
इस अवसर पर जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता पीएलवी के अलावा जेल के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. शिविर में उपस्थित सैकड़ों बंदियों को उक्त विषय पर जानकारी देते हुए पैनल अधिवक्ता ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग समझौते का एक तरीका है, जिसके अंतर्गत ऐसे अभियुक्त जो सात वर्षों से कम सजा के आरोप में बंद हैं, उन्हें लाभ मिल सकता है.
इसके लिए उन्हें अपने संबंधित न्यायालय में शपथ पत्र के साथ इस आशय का आवेदन देना होगा कि वे पीड़ित पक्ष के साथ अपने अपराध को स्वीकार करते हुए समझौता करने को तैयार हैं. साथ ही उसके द्वारा जो क्षति पहुंचायी गयी है. उसके एवज में क्षतिपूर्ति भी देना होगा, जिसके बाद न्यायालय द्वारा उचित समझे जाने पर मामले को समझौते के आधार पर निष्पादित कर दिया जायेगा. ऐसे मामलों में आरोपित को अच्छे चाल चलन के आधार पर भर्त्सना कर रिहा किया जा सकता है. कोर्ट अभियुक्त की सजा को एक चौथाई तक कम कर सकता है.
इस अवसर पर जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग लोक अदालत की तरह ही एक समझौते का आसान रास्ता है, जिसका कोई अपील भी नहीं किया जा सकता है. इस अवसर पर जेल सहायक रवि उपाध्याय, अरुण कुमार भगत, पीएलवी जयराम चौधरी, राज किशोर सिंह, विधिक सेवा सदन के पीएलवी शंकर वर्मा के अलावे अन्य कई लोग उपस्थित थे.

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