थाली से दूर हुई हरी सब्जी, किलो की जगह पाव से चल रहा काम
आवक कम होने से सब्जियों के बढ़े दाम
बक्सर : सब्जियों के बढ़े दाम से रसोई का बजट बिगड़ गया है. थाली से हरी सब्जी गायब हो गयी है. कोई भी सब्जी ऐसा नहीं है जिसका भाव आसमान नहीं छू रहा है.आवक कम होने से सब्जियों के दामों में वृद्धि बनी हुई है. किलो की जगह पाव से ही काम चलाया जा रहा है. एकाएक बढ़े सब्जियों के दामों ने खाने का जायका कम कर दिया है. सब्जियों की आवक कम होने से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है. पहले ही टमाटर के बढ़े दाम से गृहिणी परेशान थीं. इसके बाद दो माह के अंदर सब्जियों के दाम दोगुना से ज्यादा बढ़ गये, जिससे लोगों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है. सब्जी दुकानदार ने बताया कि बाढ़ के कारण सब्जियां पूरी तरह से बर्बाद हो गयी हैं. जिस कारण बाजार में आवक कम हो रहा है. किसी तरह सब्जी आ रही है, तो उसके दाम सुनकर ग्राहक आगे बढ़ जाते हैं.
थाली से दूर हुई सब्जी : हरी सब्जियों का दाम बढ़ने से लोगों के रसोई का बजट बिगड़ गया है. कोइरपुरवा निवासी नीलम पांडेय बताती हैं कि जो सब्जी 20 दिन पहले 20 रुपये किलो के हिसाब से मिलती थी. इन दिनों 40 रुपये किलो बिक रही है.
सब्जी का दाम में
गोभी 50 रुपये पीस
पत्ता गोभी50 रुपये किलो
बैगन 40 रुपये किलो
टमाटर100 रुपये किलो
शिमला मिर्च 50 रुपये किलो
तरोई 40 रुपये किलो
लौकी 30 रुपये किलो
भिंडी 40 रुपये किलो
बोरो60 रुपये किलो
मूली50 रुपये किलो
परवल40 रुपये किलो
आलू12 रुपये किलो
