जिले में शीघ्र खुलेगा बालिका गृह : डीएम

निर्णय. एक साल के बाद हुई चाइल्ड लाइन की बैठक, अब हर तीन माह पर होगी बैठक बक्सर : समहारणालय सभागार में शुक्रवार को चाइल्ड लाइन सह जिला स्तरीय मानव व्यापार विरोधी समिति की बैठक जिलाधिकारी मोबिन अली अंसारी की अध्यक्षता में हुई. बैठक के दौरान शीघ्र बालिका गृह खोलने पर सहमति बनी. साथ ही […]

निर्णय. एक साल के बाद हुई चाइल्ड लाइन की बैठक, अब हर तीन माह पर होगी बैठक

बक्सर : समहारणालय सभागार में शुक्रवार को चाइल्ड लाइन सह जिला स्तरीय मानव व्यापार विरोधी समिति की बैठक जिलाधिकारी मोबिन अली अंसारी की अध्यक्षता में हुई. बैठक के दौरान शीघ्र बालिका गृह खोलने पर सहमति बनी. साथ ही चाइल्ड लाइन का नंबर रेलवे स्टेशन, चौक चौराहों सहित अन्य स्थानों पर लिखने का निर्देश डीएम ने दिया, ताकि भूले भटके बच्चों की मदद करने में आसानी हो सके. साथ ही डीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि चाइल्ड लाइन की बैठक हर तीन माह पर आयोजित की जायेगी, ताकि बच्चों के विकास व उनके संरक्षण के लिए बेहतर कदम उठाये जा सकें.
बालिका गृह की उठी मांग : बैठक के दौरान मांग उठी कि जिले में बालिक गृह नहीं है. यदि कोई बालिका घर से भागी हुई या भूली भटकी हुई बरामद होती है, तो उसे रखने के लिए कोई स्थान नहीं है. मजबूरन उसे शीघ्र पटना भेजना पड़ता है. इस पर डीएम ने आदेश देते हुए कहा कि शीघ्र जिले में बालिका गृह खोला जायेगा. इसके लिए शीघ्र ही टेंडर निकाला जायेगा. साथ ही सदस्यों ने मांग उठायी कि बालक गृह में कई कमियां हैं. बिजली चले जाने पर अंधेरे में बच्चे रहते हैं. साथ ही पानी के लिए भी परेशानी होती है. इस पर डीएम ने तत्काल दूसरे स्थान पर बालक गृह शिफ्ट करने का निर्देश दिया.
जागरूक करने का प्रयास : बैठक के दौरान सदस्यों ने मांग उठायी कि छोटे बच्चों के संरक्षण के लिए जागरूक करने का प्रयास किया जाये. बाल श्रम या मजदूरी के लिए छोटे बच्चों को ले जाया जाता है. साथ ही कई बच्चे अपने परिवार से अलग हो जाते हैं. इन बच्चों के बचाव के लिए चाइल्ड लाइन का नंबर हर जगह प्रकाशित किया जाये. जैसे रेलवे स्टेशन, मार्केट, बस अड्डा आदि स्थानों पर. डीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि चाइल्ड लाइन का नंबर हर स्थान पर प्रकाशित किया जाये.
सदस्यों ने बताया कि चाइल्ड लाइन की ओर से एक वर्ष के अंदर दुर्घटना में घायल 42 बच्चों को मदद पहुंचायी गयी है. बाल विवाह व बाल श्रम के 38 मामलों का निष्पादन किया गया है. 30 खोये हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का प्रयास किया गया है. इस मौके पर जिला पर्षद अध्यक्ष सरिता देवी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी दिवाकर झा, शशिकांत पासवान, कुमार अनुज, शिशिर मिश्रा, जगतानंद दूबे आदि मौजूद थे.

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