बक्सर की बिटिया बनी सीनियर बैडमिंटन चैंपियन
बक्सर : एक बार फिर यह साबित हुआ है कि प्रतिभा किसी दायरे में सीमित नहीं रह सकती. जिले का नाम रोशन करते हुए सीनियर चैंपियनशिप में बक्सर की बेटी सबसे बड़ी खिलाड़ी के रूप में उभर कर सामने आयी है. मैच के दौरान उसके हर शॉट पर दर्शकों ने तालियां बजाकर हौसला अफजाई की. गया के गांधी मैदान स्टेडियम में खेले जा रहे बिहार स्टेट बैडमिंटन टूर्नामेंट के सिंगल, डबल व मिक्स डबल्स मुकाबले में आकांक्षा ने शानदार खिताबी जीत दर्ज की है. प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उसकी इस उपलब्धि पर जहां परिवार में खुशियां हैं. वहीं, जिले को अपनी बेटी के इस कारनामे पर गर्व हो रहा है. रविवार को उसने गया में हुए खिताबी मुकाबले में सभी को शिकस्त दी. उसे ट्रॉफी और मैडल देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव राजन सिजुआर, डॉ एके पांडेय व डॉ श्रीप्रकाश समेत दो दर्जन लोग उपस्थित थे.
इस तरह तीनों खिताबों को किया अपने नाम : आकांक्षा पांडेय व समस्तीपुर के आकाश ठाकुर की टीम ने पटना के कुमार संदीप व जहानाबाद की संजना सिन्हा को 2-0 से मात देकर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया. वहीं, बक्सर की आकांक्षा व मुजफ्फरपुर के बीच खेले गये वीमेंस सिंगल के फाइनल मुकाबले में आकांक्षा 2-0 से विजयी हुई. बक्सर की अाकांक्षा पांडेय ने मैच में खेले गये दोनों राउंडों में विपक्षी खिलाड़ी के मुकाबले अधिक अंक अर्जित किये, जिसे देखते हुए उसे विजयी घोषित कर दिया गया. विमेंस डबल में भी बक्सर की आकांक्षा पांडेय व मुंगेर की अल्का ने मुजफ्फरपुर की अाकांक्षा कुमारी व अर्चना कुमारी को 2-0 से मात दिया. प्रतियोगिता के अंत में विजयी खिलाड़ियों को मेडल व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया.
सिविल इंजीनियर हैं आकांक्षा के पिता : आकांक्षा मूलतः शहर के पांडेयपट्टी की निवासी है और उसके पिता प्रमोद पांडेय उर्फ झुन्नू पांडेय पेशे से सिविल इंजीनियर हैं. आकांक्षा पांडेय फिलहाल दसवीं की छात्रा है. वह शहर के डीएवी पब्लिक स्कूल से अपनी पढ़ाई कर रही है.
जीते हैं कई अवार्ड : आकांक्षा ने बैडमिंटन में कई अवार्ड जीते हैं. तीन साल से बैडमिंटन खेल रही है. पिता की हिमाचल पदस्थापना के क्रम में उसने ऊना से ट्रेनिंग ली. इसके बाद बाबू बनारसी दयाल बैडमिंटन अकादमी लखनऊ में छह महीने का प्रशिक्षण लिया है. फिलवक्त फरीदाबाद में प्रशिक्षणरत है. पिछले वर्ष जूनियर नेशनल में उपविजेता, बिहार राज्य अंडर 13, अंडर 15 व अंडर 17 में चैंपियन रही है.
इंटरनेशनल चैंपियन बनने का सपना : आकांक्षा कहती हैं कि बक्सर में लड़कियों को खेलने के लिए व्यवस्था नहीं है. स्टेडियम छोटा है. सफाई नहीं रहती है. सुविधाओं के अभाव में यहां की प्रतिभा कुंद हो रही है. जबकि उसका सपना है कि वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन बने.
