पांच करोड़ पानी में बहे, अब मिट्टी भरकर हो रही लीपापोती
बक्सर : सदर प्रखंड के मझरियां व उमरपुर में हुए कटावरोधी कार्यों की कलई खुलने के बाद प्रशासन लीपापोती में जुट गया है. प्रभात खबर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आ गये. इसके बाद कटावरोधी कार्यों के धंसने की जगह पर विभाग ने अभियंताओं की देखरेख में मजदूरों […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बक्सर : सदर प्रखंड के मझरियां व उमरपुर में हुए कटावरोधी कार्यों की कलई खुलने के बाद प्रशासन लीपापोती में जुट गया है. प्रभात खबर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आ गये. इसके बाद कटावरोधी कार्यों के धंसने की जगह पर विभाग ने अभियंताओं की देखरेख में मजदूरों से मिट्टी भरवाकर अपनी नाकामी छिपाने में जुट गया है. सीमेंटवाले प्लास्टिक की खाली बोरी में मिट्टी भरकर कटाव से बचाव के उपाय किये जा रहे हैं.
बतादें कि पांच करोड़ 66 लाख की लागत से हुए कटावरोधी कार्य में लगायी गयी बोरियां गंगा के बढ़े जल स्तर के बाद धंस गयी थीं. एक महीने भी कार्य पूरा हुए नहीं बीते, लेकिन कटावरोधी कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी व मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराने से कटाव शुरू हो गया है. जबकि अभी बाढ़ आने में करीब एक माह का समय शेष है.
बालू की जगह भरा जा रहा मिट्टी
गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ ही सदर प्रखंड के क्षेत्रों में कटाव शुरू हो गया है. सदर प्रखंड के मझरियां पूरब टोला के सामने खेतों में कटाव का दबाव बढ़ गया है. प्रभात खबर में प्रकाशित खबर की सूचना पर अभियंताओं की टीम कटाव स्थल पर पहुंच कर कटाव रोधक कार्य शुरू कर दिये हैं, लेकिन प्रावधान के विपरीत बालू की जगह मिट्टी भरकर कटावरोधी कार्यों की नाकामियां छुपाई जा रही है. ग्रामीणों ने जब विभागीय अधिकारियों से इस बाबत जानकारी मांगी, तो अभियंता व अधिकारियों ने चुप्पी साध ली.
गंगा का जल स्तर बढ़ने से सहमे ग्रामीण : मझरियां गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अगर यहां इस साल कटाव हो जाता है, तो किसानों का लगभग 50 एकड़ जमीन गंगा में विलीन हो जायेगा. ग्रामीण धर्मेंद्र यादव, सुरेश मिश्र, पहाड़ी यादव, जर्नादन यादव आदि ने बताया कि कटावरोधी कार्य करा रहे ठेकेदार द्वारा एक बोरी की जगह आधी बोरी मिट्टी भरकर नदी में गिराया जा रहा है. लोगों ने बताया बक्सर-कोइलवर तटबंध पर खतरा बढ़ते जा रहा है. कटावरोधी कार्य संतोषजनक नहीं हो रहा है. गंगा का जल स्तर वर्तमान समय में दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है. वहीं, गंगा के बढ़ते जल स्तर से दियारा क्षेत्र में रह रहे लाखों लोगों के बीच बाढ़ का चिंता सता रहा है. अभी से ही लोग ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गये हैं. इस पूरे क्षेत्र में एक बड़ी और सघन आबादी निवास करती है.
एफआइआर दर्ज कर राशि वसूली की मांग : बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व संगठन सचिव ने प्रेस बयान जारी कर उक्त कटावरोधी कार्यों में लापरवाही करनेवाली कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है. जिलाधिकारी से फोन पर बात कर उन्होंने जनता की इस सबसे विकट समस्या से निदान के लिए तात्कालिक उपाय करने की गुहार लगायी है. उन्होंने कहा कि कार्य करनेवाली गरिमा कंसट्रक्शन कंपनी पर पहले से ही घोटाले का आरोप है. उसे काली सूची में डाला गया था, लेकिन किन परिस्थितियों उसे कार्य का आवंटन किया गया यह जांच का विषय है. उन्होंने कंपनी पर एफआइआर करते हुए राशि की वसूली की मांग की है.
विभागीय आदेश से हो रहा काम
कटावरोधी कार्यों में बोरे में बालू भरने का ही प्रावधान है, लेकिन गंगा के बढ़े जल स्तर से बालू नहीं मिल रहा. इसलिए मिट्टी भरकर काम कराया जा रहा है. यह काम विभागीय आदेश के आलोक में किया जा रहा है.