बक्सर : जिले के मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बन गयी है. आये दिन मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण के कारण जाम लगा जाता है, जिससे राहगीर लंबे समय तक जाम में फंसे रह जाते हैं. जाम के कारण कइयों की ट्रेनें छूट जाती हैं. स्कूली बच्चे जाम में घंटों फंसे रह जाते हैं.
एंबुलेंस के निकलने के लिए भी जगह नहीं मिल पाती है. यहां तक की अधिकारी भी जाम में फंसे रह जाते हैं. अधिकारी पुलिस बल का सहारा लेते हैं, तब उनकी गाड़ी जाम से निकल पाती है, लेकिन आम जनता काफी परेशान है. इस समस्या के लिए पूर्व में केवल एक्शन प्लान ही बनाये गये, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण हाल और खस्ता होता गया.
पूर्व जिलाधिकारी रमण कुमार की ओर से नगर सहित अन्य मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए एक्शन प्लान बनाया गया, पर इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. बक्सर नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए तीन बार प्रयास किया गया. करीब डेढ़ वर्ष पूर्व रामरेखा घाट के पास अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया. उस दौरान अतिक्रमणकारियों ने प्रशासन के अधिकारियों पर पथराव कर दिया था.
वहीं, नो इंट्री रहते हुए पुलिस की मिली भगत से बड़े वाहन नगर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे जाम की स्थित पैदा हो जाती है. अतिक्रमण के कारण कई बार तत्कालीन जिलाधिकारी का काफिला भी जाम में फंसा था. समाहरणालय से चंद कदम की दूरी पर स्थिति अांबेडकर चौक पर डीएम सहित अन्य अधिकारियों की गाड़ियां जाम में फंसती हैं. वहीं, नये डीएम के सामने अतिक्रमण की समस्या मुंह बाये खड़ी है. सभी की निगाहें टिकी है कि कैसे अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने का प्रयास नये साहब करते हैं.
कार्य में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्य मार्गों पर एक्सन प्लान बनाकर अतिक्रमण हटाया जायेगा. एसडीओ, सीओ सहित नगर पर्षद के अधिकारी व पुलिस की देखरेख में अतिक्रमण हटेगा. अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त करते हुए आर्थिक जुर्माना लगाया जायेगा. साथ ही कानूनी कार्रवाई की जायेगी. इस कार्य में लापरवाही बरतनेवाले अधिकारियों व कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी.
मुकेश कुमार पांडेय, डीएम बक्सर
