बक्सर : बिहार प्रदेश संस्कृत शिक्षक महासंघ के पूर्व प्रेस सचिव मुखदेव राय ने रविवार को प्रेस बयान जारी कर प्रदेश के संस्कृत शिक्षकों की समस्या की ओर नयी गठबंधन सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 3776 तथा 711 कोटि के संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की निगाहें नयी सरकार पर टिकी हुई हैं.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधान सभा की अपनी चुनावी घोषणा पत्र में संस्कृत के 3776 व 711 कोटि के संस्कृत विद्यालयों की स्वीकृति की दिशा में कार्य किया जायेगा. इसको लेकर बिहार में भाजपा गठबंधन सरकार पर निगाहें हैं. इसके साथ ही कहा कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड में अबतक स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से संस्कृत विद्यालयों की मान्यता एक ओर अधर में लटकी हुई है. वहीं 2017 की वार्षिक परीक्षा नहीं हो सकी है.
इसके साथ ही मदरसा विद्यालयों के मैट्रिक एवं इंटर के प्रथम श्रेणी के छात्र-छात्राओं के समान संस्कृत शिक्षा से मध्यमा बोर्ड एवं उप शास्त्री जो इंटरमीडिएट के समतुल्य है, उन्हें भी दस हजार की प्रोत्साहन राशि देने की मांग की.
