पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट का निर्माण शुरू

खुशी. पुराना सदर अस्पताल परिसर में बन रहे दो शैक्षणिक संस्थान राज्य सरकार के निर्देश पर शुरू हुआ भवन निर्माण का काम रोजगार की दृष्टि से जिले में एक और संस्थान बक्सर : स्वास्थ्य के क्षेत्र में बक्सर जिले के लिए यह सुखद समाचार है. जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट […]

खुशी. पुराना सदर अस्पताल परिसर में बन रहे दो शैक्षणिक संस्थान

राज्य सरकार के निर्देश पर शुरू हुआ भवन निर्माण का काम
रोजगार की दृष्टि से जिले में एक और संस्थान
बक्सर : स्वास्थ्य के क्षेत्र में बक्सर जिले के लिए यह सुखद समाचार है. जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट और एएनएम ट्रेनिंग स्कूल खोले जाने का निर्णय लिया गया है. ये दोनों संस्थान पुराने सदर अस्पताल परिसर में खोले जायेंगे. जिले में अभी कोई भी एएनएम ट्रेनिंग स्कूल नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना के आलोक में विभाग ने स्वास्थ्य सेवा की सेहत सुधारने की कवायद शुरू कर दी है. एएनएम और पारा मेडिकल कर्मियों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नये संस्थान खोलने का निर्णय लिया गया है. पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट व जिले में नये एएनएम ट्रेनिंग संस्थान खुलने से रोगियों का इलाज अब और आसान हो जायेगा. बक्सर के अलावा डुमरांव अनुमंडल में भी नये स्कूल खोलने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.
अनुमंडल स्तर पर होगा एएनएम ट्रेनिंग स्कूल : निर्णय के मुताबिक अनुमंडल स्तर पर एएनएम ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की जानी है. मालूम हो कि जिले के सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव में रोगियों का इलाज प्रभावित होता है. अस्पताल में भरती मरीजों की देखभाल भी सही से नहीं हो पाती. नये संस्थान खुलने से यह कमी दूर होने की उम्मीद लगायी जा रही है. दो अनुमंडलवाले बक्सर जिले में फिलहाल सदर अनुमंडल में नये स्कूल खोलने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.
पुराने अस्पताल में खुलेगा पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट : जिले में पारा मेडिकल की पढ़ाई के लिए पुराने सदर अस्पताल में पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट खोलने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए वहां बन रहे सिटी हॉस्पिटल के परिसर में जमीन की व्यवस्था की गयी है. पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट के लिए भी 26 हजार स्क्वायर फुट जमीन उपलब्ध करायी गयी है. इंस्टीट्यूट में पारा मेडिकल का कोर्स करने के लिए प्रतिवर्ष 60 छात्रों का नामांकन होगा.
जिले के छात्र-छात्राओं को मिलेगा यह लाभ : जिले में इन संस्थानों के खुल जाने के बाद न सिर्फ सैकड़ों छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा मिल पायेगी, बल्कि अस्पतालों में एएनएम और पारा मेडिकल स्टाफ की कमी भी दूर होगी. जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. एक तरफ युवाओं को काम का अवसर मिलेगा, तो दूसरी ओर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी.
30 बेडों का होगा सिटी हॉस्पिटल
जिले के पुराने सदर अस्पताल को सिटी हॉस्पिटल बनाया जा रहा है. 30 बेडोंवाले हॉस्पिटल में निर्माण कार्य प्रगति पर है. हॉस्पिटल बन जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को काफी सहूलियत होगी. इसमें न सिर्फ कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक बहाल किये जायेंगे, बल्कि जांच की सुविधा और वार्ड भी बढ़ेंगे. सिटी हॉस्पिटल के शुरू हो जाने से शहरी इलाके के लोगों की सदर अस्पताल पर निर्भरता भी कमेगी.
जमीन उपलब्ध करा दी गयी है
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमंडल स्तर पर एएनएम ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की जानी है. जिले के दोनों अनुमंडलों में ट्रेनिंग स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गयी है. इसके साथ ही जिले में पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट भी खोलने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए पुराने सदर अस्पताल में जमीन उपलब्ध करायी गयी है.
डॉ बीके सिंह, सिविल सर्जन, बक्सर

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