परेशानी. शहर के नालों की उड़ाही की खुली पोल, हलकान रहे शहरवासी
बक्सर : बुधवार की दोपहर से गुरुवार की दोपहर तक करीब 10 घंटे की बारिश में शहर के कई इलाके जलमग्न हो गये. शहर में हर तरफ पानी-ही-पानी दिखाई पड़ रहा था. एक से डेढ़ घंटे तक शहर की सड़कों पर घुटना भर पानी लगा रहा. भारी जलजमाव के चलते राहगीर और वाहनचालकों को आने-जाने में फजीहत झेलनी पड़ी. शहर के अधिकांश वार्डों में नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं करायी जा रही है. नगर पर्षद की पिछली सरकार ने बरसात के पूर्व बड़े नालों के उड़ाही की योजना पर ध्यान नहीं दिया.
नयी सरकार बनने के बाद नालों के उड़ाही की कवायद शुरू तो हुई, लेकिन जलजमाव रोकने में सफलता नहीं मिली. कई मोहल्लों के मुख्य नालों में गाद भरा पड़ा हुआ है. इस वजह से बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है. हालांकि जहां भी नाला जाम होने की शिकायत मिल रही है. नगर पर्षद के सफाईकर्मी वहां सफाई कर रहे हैं, लेकिन जलजमाव से जलालत झेल रहे लोग नप अधिकारियों को कोस रहे हैं.
मोहल्लों में घुटने तक जलजमाव
वीर कुंवर सिंह चौक शहर का हृदय स्थल माना जाता है. बारिश होने से वहां का नजारा ही बदल गया था. बुधवार की रात तेज बारिश से घंटों सड़क पर घुटना भर पानी जमा रहा. लोग घुटना तक पैंट मोड़ हाथ में चप्पल लेकर आने-जाने को विवश हो गये. सबसे अधिक परेशानी वाहनचालकों को हुई. पानी में बाइक का इंजन बंद होने के बाद जो दुर्दशा बाइक सवारों को हो रही थी वह कहने लायक नहीं है. धक्का देकर बाइक को सूखे स्थान पर ले जाना पड़ रहा था.
रामरेखा घाट रोड में सड़क पर नाले का पानी : रामरेखा घाट रोड में भी जलजमाव होने के कारण पूजा करनेवाले श्रद्धालुओं और कांवरियों को काफी परेशानी हुई. बारिश के पानी के साथ नाला का पानी भी सड़क पर बह रहा था. ताड़का नाले के अतिक्रमण से पानी का बहाव रुक गया है. गंगा स्नान करने के बाद कांवरियों को उसी गंदा पानी से होकर गुजरना पड़ रहा था. अधिकांश लोग एमपी हाइ स्कूल से सटी सड़क से आ जा रहे थे. स्थानीय लोगों की मानें, तो रामरेखा घाट का नाला जाम होने के चलते हल्की बारिश में भी इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
सफाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे
सफाई के लिए मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके चलते नाला उड़ाही का कार्य बाधित हो रहा है. फिलहाल नगर पर्षद के सफाइकर्मियों की बदौलत सफाई चल रही है. शहर में जलजमाव नहीं हो इसके लिए एक से डेढ़ सप्ताह के अंदर अतिरिक्त मजदूर लगाकर शहर के बड़े-छोटे नालों की उड़ाही करा दी जायेगी.
राजीव कुमार सिंह, नप कार्यपालक पदाधिकारी
