पेड़ को हटाने में प्रशासन के छूटे पसीने
बक्सर/डुमरांव : गुरुवार की अहले सुबह तेज आंधी-पानी के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा. कई जगहों पर पेड़ के उखड़ने से लोगों को काफी परेशानी हुई. वहीं, गांव-देहात में दर्जनों झोंपड़ियां भी धरासायी हो गयीं. बक्सर-भोजपुर एनएच 84 के नावाडेरा गांव के समीप विशालकाय पेड़ के धराशाही होने से करीब 12 घंटे तक वाहनों का आवागमन ठप रहा. पेड़ के गिरने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की, फिर भी गिरा हुआ पेड़ टस से मस नहीं हो सका. वाहनचालकों के आर्थिक मदद के बाद ग्रामीणों ने पांच मजदूरों को इकठठा कर पेड़ की टहनियों की कटाई शुरू की. इस तत्परता के बाद वन वे होकर आवागमन सुचारु हो सका.
ठप रही विद्युत आपूर्ति : आंधी पानी के बाद बिजली व्यवस्था ऐसी चरमराई की शहरवासी पूरे दिन पानी के लिए भी तरसते रहे. 15 घंटे बाद भी शहर को बिजली की सुविधा मयस्सर नहीं हो सकी. शहरवासी समी हासमी, विनोद कुमार, रीता देवी आदि बताते हैं कि थोड़े से ही आंधी का बहाना बनाकर बिजली कंपनी के अधिकारी आराम फरमाते हैं. सट डाउन का बहाना बनाकर जनता को परेशान किया जाता है. लोगों का कहना है कि भीषण गरमी के बाद भी बिजली कंपनी द्वारा नियमित आपूर्ति बाधित कर दी जाती है. ऐसी स्थिति में रोजमर्रे का काम बाधित हो रहा है. वहीं, नावानगर प्रखंड के विभिन्न गांवों में तेज आंधी से कई जगह पेड़ गिये.
डुमरांव नहर लाइन मार्ग पर, सिकरिया नहर लाइन मार्ग पर तेज आंधी से कई पेड़ गिर गये. आंधी सुबह में आने के चलते यातायात प्रभावित नहीं हुआ. सुबह के चलते आने-जानेवालों की संख्या कम रही. वहीं, मौसम में बदलाव आने से किसान काफी खुश हैं. वहीं, बिजली गुल रहने से लोगों को काफी परेशानी हुई.
