नप की सख्ती. बिल्डिंग बायलॉज का पालन अनिवार्य
11 मीटर ऊंचे भवनों का नक्शा होगा ऑनलाइन
डुमरांव : सूबे की सरकार ने राज्य में बिल्डिंग बायलॉज लागू कर दिया. छह माह पूर्व इस बाइलाज की मंजूरी मिलते ही अब नगर पर्षद क्षेत्र में बगैर नक्शे के भवन निर्माण पर कठोर कार्रवाई की जायेगी. नगर विकास व आवास विभाग के सचिव चैतन्य प्रसाद ने नगर पर्षद को हरहाल में बिल्डिंग बायलॉज का अनुपालन करने का निर्देश दिया है. विभाग के अनुसार मकानों का नक्शा पास कराने में पारदर्शिता बरती जायेगी. शहर में बहुमंजिलें मकानों को भूकंपरोधी प्रमाण-पत्र अनिवार्य रखा गया है. इसके साथ ही 11 मीटर से ऊंचे मकानों का नक्शा अब ऑनलाइन अपलोड करने का प्रावधान दिया गया है. बिल्डिंग बायलॉज के तहत ही नक्शे की मंजूरी दी जायेगी.
यह है बिल्डिंग बायलॉज: नगर पर्षद क्षेत्र के लिए बिल्डिंग बायलॉज में अपदा प्रबंधन को जोड़ा गया है. साथ ही 12 फूट से कम चौड़ी सड़क के किनारे आवासीय मकान का निर्माण नहीं होगा. और 20 फूट से कम चौड़ी सड़क पर बहुमंजिली इमारत नहीं बनेगी. भवन निर्माण के दौरान अपने 10 फीसदी भूमि पर पेड़-पौधे लगाने होंगे और वर्षा जल संरक्षण के साथ भूकंप रोधी प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया है.
धड़ाधड़ जारी है भवन निर्माण: नगर पर्षद क्षेत्र में बगैर नक्शे के धड़ाधड़ भवन निर्माण जारी है. बताया जाता है कि एक दशक के दौरान नप क्षेत्र के विभिन्न काॅलोनियां तेजी से विकसित हुई है. इन काॅलोनियों में अनेकों बहुमंजली भवन बिल्डिंग बायलॉज के धता दिखाते हुए निर्माण कराया जा रहा है. पिछले एक वर्षों के आंकड़ों पर गौर किया जाये तो शहर में करीब 200 भवनों का निर्माण हुआ है. शहर जिस तरह से तेजी से विकसित हुआ. उस तेजी से नगर पर्षद अपने कार्यों को धरातल पर उतारने में पीछे रह गया.
बोले नप प्रशासक
भवन निर्माण के लिए नक्शा और नगर पर्षद से स्वीकृति लेना जरूरी है. ऐसा नहीं करने वाले भवन मालिकों पर कार्रवाई की जायेगी.
अनुभूति श्रीवास्तव, कार्यपालक पदाधिकारी
