विरोध. वामपंथियों के आह्वान पर बिहार बंद का बक्सर में मिला-जुला असर
बक्सर : बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षाफल में हुई व्यापक पैमाने पर धांधली के विरोध में गुरुवार को वामपंथी छात्र युवा संगठनों के आह्वान पर बक्सर शहर में छात्र युवाओं ने शहर को बंद कराया. एआइएसएफ, एसएफआइ, आइसा, एआइवाइए, डीआइवाइए और आरवाइए के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बंदी में हिस्सा लिया. सुबह करीब 10 बजे बक्सर शहर की सड़कों पर मार्च निकाल कर दुकानों व संस्थानों को बंद कराया. छात्रों ने राज्य व केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी भी की.
शहर के आंबेडकर चौक, ज्योति चौक, किला मैदान, मॉडल थाने के पास चौक व गोलंबर चौक के पास जाम कर थोड़ी देर प्रदर्शन किया. शहर के व्यवसायियों व दुकानदारों ने भी बंद का समर्थन करते हुए कुछ देर तक अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं. हालांकि बंद का शहर में कोई खास नहीं दिखा. दुकानदारों के समर्थन को लेकर छात्र-नौजवानों ने सभी व्यवसायियों को धन्यवाद दिया.
स्टेशन से मार्च शुरू कर किया शहर भ्रमण : बंद के दौरान छात्र-नौजवान कार्यकर्ताओं ने स्टेशन से पैदल मार्च निकाला. शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए भगत सिंह पार्क तक पहुंचे. इस दौरान स्टेशन रोड, आंबेडकर चौक, ज्योतिप्रकाश चौक, पुलिस चौकी, मॉडल थाना, रामरेखा घाट, पीपी रोड होते हुए भगत सिंह पार्क में पहुंचे छात्रों ने यहां सभा की. पैदल मार्च का नेतृत्व एआइएसएफ की सरिता कुमारी, एसएफआइ के अंकित सिंह, आइसा के धनजी कुमार, एआइवाइए के रितेश श्रीवास्तव, डीवाइएफआइ के साधु राम व आरवाइए के नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर आयोजित सभा को विमल कुमार, लक्ष्मी कुमारी, उमेश राणा, गौतम, लकी जायसवाल आदि नेताओं ने संबोधित किया. पृथ्वी, कौशल, प्रकाश, रवि, संजय, शिवप्रकाश, संजय, लालू, रमेश दिनेश, अवधेश, लखन, अखिलेश, कारन, उत्तम सहित अन्य भी मौजूद थे.
सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम
वामपंथियों के बिहार बंद के मद्देनजर जिला प्रशासन व पुलिस भी अलर्ट रही. बक्सर एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा के निर्देश पर शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. वहीं, सदर एसडीओ के निर्देश पर विधि-व्यवस्था संभालने में विभिन्न जगहों पर मजिस्ट्रेट भी तैनात थे. कई जगह बंद के दौरान नोकझोंक की स्थिति बनी, जिसे पुलिस की तत्परता से खत्म करा दिया गया.
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स्क्रूटनी का ढोंग बंद करो, परीक्षा पेपर का पुनर्मूल्यांकन कर परीक्षा परिणाम पुनः घोषित किया जाय, शिक्षा मंत्री एवं बिहार बोर्ड के अध्यक्ष को बरखास्त कर स्थायी शिक्षाविद को अध्यक्ष बनाया जाय, इंटर परीक्षा धांधली के राजनीतिक संरक्षकों सहित सभी दोषियों पर कार्रवाई हो , सामान स्कूल प्रणाली लागू करो
