Buxar Barauni ROB: बिहार के बक्सर-बरौनी रेलखंड पर स्थित एलसी-70ए रेलवे ओवरब्रिज के धंसने की खबर के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है. इस मामले पर मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बयान जारी किया है. मंत्री ने कहा कि यह रेलवे ओवरब्रिज अभी पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हुआ था और इसका निर्माण काम और फाइनल कमीशनिंग का प्रोसेस अभी चल ही रहा था. निर्माण के दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास का एक छोटा सा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ और धंस गया है. इससे ओवरब्रिज पर कोई असर नहीं पड़ा है और पुल बिल्कुल सुरक्षित है.
मंत्री कुमार शैलेंद्र ने क्या बताया
मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बताया कि पुल बनाते समय एक्सपेंशन जॉइंट के पास कंक्रीट का एक छोटा टुकड़ा टूट कर अपनी जगह से अलग हो गया था. इसी वजह से उस खास पॉइंट पर सड़क थोड़ी नीचे धंस गई. सूचना मिलते ही विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की. इस निरीक्षण में यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि इस आंशिक धंसाव से ओवरब्रिज की मजबूती को कोई खतरा नहीं है.
दोबारा खोला गया पुराना फाटक
मंत्री ने कहा कि तकनीकी नियमों के हिसाब से टूटे हुए हिस्से की मरम्मत और प्लास्टर के बाद कंक्रीट को मजबूत होने के लिए एक तय समय देना बेहद जरूरी था. लेकिन यह समय पूरा होने से पहले ही रेलवे प्रशासन ने जल्दबाजी दिखाई.
रेलवे ने नीचे बने लेवल क्रॉसिंग यानी रेलवे फाटक को बंद कर दिया और इस आधे-अधूरे व निर्माणाधीन ओवरब्रिज से ही गाड़ियों का आना-जाना शुरू करवा दिया. समय से पहले ट्रैफिक का भारी दबाव पड़ने की वजह से ही एक्सपेंशन जॉइंट के पास सड़क और ज्यादा धंस गई.
जैसे ही इस गंभीर घटना की खबर पथ निर्माण विभाग को मिली, वैसे ही संबंधित इंजीनियरों और पुल विशेषज्ञों को तुरंत ग्राउंड जीरो पर भेजा गया और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए गए. फिलहाल रेलवे प्रशासन ने इस निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर गाड़ियों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया है. आम जनता को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो और उनका सफर सुरक्षित रहे, इसके लिए नीचे बने पुराने रेलवे फाटक को दोबारा गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है.
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लापरवाही बरतने पर तीन इंजीनियर सस्पेंड
मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बताया कि इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने के बाद तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य बड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि हमारा पथ निर्माण विभाग आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखता है. काम की क्वालिटी और पुल की मजबूती से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
फिलहाल इस क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच करने के साथ-साथ उसकी जरूरी मरम्मत का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि जब तक इस पूरे ओवरब्रिज की सुरक्षा और तकनीकी मानकों की रिपोर्ट 100% संतोषजनक नहीं आ जाती, तब तक इस पर दोबारा ट्रैफिक शुरू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा.
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