राजगीर जू सफारी और बिहार वेटनरी कॉलेज के बीच हुआ एमओयू, वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती

राजगीर जू सफारी में विश्व बाघ दिवस के अवसर पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान राजगीर जू सफारी और बिहार वेटनरी कॉलेज के बीच वन्यजीव चिकित्सा व अनुसंधान को लेकर महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा परिसर में एटीएम का उद्घाटन हुआ.

विश्व बाघ दिवस के अवसर पर बुधवार को राजगीर जू सफारी में वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. नेसामणि के. तथा विशिष्ट अतिथि बिहार वेटनरी कॉलेज, पटना के डीन डॉ. पल्लव शेखर रहे.

इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती देने की दिशा में बिहार वेटनरी कॉलेज और राजगीर जू सफारी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया.

इस समझौते के तहत वन्यजीव चिकित्सा, स्वास्थ्य प्रबंधन, वैज्ञानिक अनुसंधान, वेटनरी छात्रों की इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, क्षमता विकास, प्रयोगशाला सहयोग तथा ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे.

एमओयू पर बिहार वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर एवं राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम ने क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. नेसामणि के. की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किया. इसे बिहार में वन्यजीव संरक्षण और शोध को सशक्त बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ी पहल माना जा रहा है.

प्रतियोगिताओं में 480 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, एटीएम का उद्घाटन

विश्व बाघ दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें राजगीर के विभिन्न विद्यालयों के करीब 480 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में बाघ संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. मुख्य अतिथि द्वारा सभी विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. नेसामणि के. ने जू सफारी परिसर में आगंतुकों की सुविधा के लिए स्थापित नए एटीएम का भी उद्घाटन किया.

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाघ केवल भारत की राष्ट्रीय धरोहर ही नहीं, बल्कि वन पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतक भी हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया.

अतिथियों के विचार और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

मौके पर बिहार वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर ने कहा कि यह एमओयू वन्यजीवों के बेहतर उपचार, अनुसंधान, प्रशिक्षण और संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा.

वहीं, निदेशक राम सुन्दर एम ने कहा कि विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है और जू सफारी भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के अभियान को लगातार आगे बढ़ाता रहेगा.

इस कार्यक्रम में डीएफओ राजकुमार एम, बिहार वेटनरी कॉलेज, पटना के विभागाध्यक्ष डॉ. अजित कुमार, डॉ. संजय भारती, डॉ. संजीत कुमार, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार, सहायक वन संरक्षक सिम्मी प्रियनैना, सहायक वन संरक्षक अजय कुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी सूरज कुमार, शिवम सिन्हा सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

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By Ramvilas prasad

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