मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए कर्मी

नगरनौसा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.

नगरनौसा. नगरनौसा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इस सम्बंध में रात्रि प्रहरी जितेन्द्र कुमार ने बताया कि केजीवीभी लगभग 16 वर्षों से कार्यत चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को विहित प्रकिया से नियोजन नहीं किया गया है. जिला के सभी बीस प्रखण्डों के के०जी०वी०भी० में कार्यरत चतुर्थवगीय कमी आदेशपाल, रात्री प्रहरी, मुख्य रसोईया तथा सहायक रसोईया अपने भविष्य को अंधकारमय जीवन जीने पर मजबूर हूँ क्योंकि हमलोगों को नियोजन करने के लिये जिला शिक्षा कार्यालय, नालन्दा के द्वारा दो से तीन बार दो सौ रूपये का ड्राफ के साथ पत्राचार के माध्यम से आवेदन लिया गया था. लेकिन बहाली आजतक नहीं किया गया. हमलोग सभी शिक्षा विभागीय दरवाजा जिला कार्यालय से लेकर राज्य कार्यालय तक आवेदन देकर बहाली एवं न्यूनतम मजदूरी देने का गुहार लगा चुका हूँ, परन्तु कही से भी कोई विकल्प नहीं मिला. बहुत अफसोस की बात है कि सारी उम्र विद्यालय की सेवा में गुजार दिया जिसका एक दिन का मजदूरी की राशि मात्र (150) एक सौ पचास रूपया देना कही से भी उचित नहीं है. शिक्षा विभाग हमलोगों के साथ धोखाधड़ी एवं घोर अत्याचार कर रही है. इतना कम मजदूरी में काम लेना गैरकानूनी, एवं मौलिक अधिकार का हनन तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 43 का उलंघन है.आश्चर्य की बात तो यह है कि बिहार सरकार शिक्षा विभाग में कार्यरत – आँगनबाड़ी सेविका, विद्यालय की रसोईया, तथा रात्री प्रहरी को भी मानदेय में दुगनी कर दी गई. लेकिन कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय में लगभग 16 वर्षो से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मीयों को मानदेय वर्ष 2018 से आजतक एक रूपये की बढ़ोतरी नहीं की गई यह कही से भी न्यायोचित नहीं है.

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Published by: Santosh kumar singh

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