बिहार से नहीं, बिहार के लिए चुनाव लड़ेंगे : चिराग

महात्मा बुद्ध और महावीर की तपोभूमि राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम के बहाने केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रा) प्रमुख चिराग पासवान ने राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन किया है.

राजगीर.

महात्मा बुद्ध और महावीर की तपोभूमि राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम के बहाने केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रा) प्रमुख चिराग पासवान ने राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन किया है. इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने भाजपा और जदयू को स्पष्ट संदेश दिया कि बहुजन समाज की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. समागम में उमड़ी भीड़ और जनसमर्थन ने चिराग की बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया है. यह कार्यक्रम आगामी चुनावों से पहले उनके लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है. इससे उन्होंने गठबंधन सहयोगियों को अपनी अहमियत का एहसास कराया है. एक तरह से इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में खुद को पेश करने की कोशिश की है. राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम में बहुजन एकता और अधिकार की बुलंद आवाज उठाई गई है. इस कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता और संविधानिक अधिकारों की मजबूती पर जोर दिया गया. विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और समर्थकों ने एकजुट होकर दलित, पिछड़ा, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग की. वक्ताओं ने बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष तेज करने की बात कही. यह समागम बहुजन शक्ति के नये जागरण का प्रतीक बना गया है.

— अप्रत्याशित भीड़ से थम गया शहर

राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम में इतनी अधिक भीड़ उमड़ी कि पूरा शहर थम सा गया. बिहार भर से आये बहुजन समाज के लोगों और लोजपा (रा) समर्थकों की भारी भीड़ के कारण राजगीर की सभी मुख्य सड़कें वाहनों से भर गयी. स्टेट गेस्ट हाउस परिसर से जुड़े मार्ग और जर्मन हैंगर पंडाल के आसपास हजारों की संख्या में वाहन लगे रहे. इससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ. शहर के चौराहों, बस स्टैंड, पटेल चौक, रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर लंबा जाम लगा रहा. पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. इससे स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आपातकालीन सेवाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस प्रशासन ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण व्यवस्था चरमरा गई. राजगीर में पहली बार देखा गया कि कोई राजनीतिक-सामाजिक आयोजन इतने बड़े पैमाने पर हुआ है. शहर की सामान्य दिनचर्या पूरी तरह ठहर सी गयी.

— समागम स्थल तक पहुंचने में करनी पड़ी भारी मशक्कत

बहुजन भीम संकल्प समागम में उमड़ी अपार भीड़ के कारण केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान को मंच तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. भीड़ इतनी अधिक थी कि वाहन आगे बढ़ना मुश्किल हो गया. अंततः मंत्री जी को अपनी लग्जरी गाड़ी की छत पर बैठकर समारोह स्थल तक पहुंचना पड़ा. समर्थकों ने उन्हें रास्ता देने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के उत्साह के आगे सब प्रयास नाकाम रहा. इस अनोखे दृश्य ने लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ.

बिहार से नहीं, बिहार के लिए चुनाव लड़ेंगे : चिराग पासवान

फोटो – राजगीर में बहुजन भीम संकल्प समागम को संबोधित करते केन्द्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख चिराग पासवान

प्रतिनिधि, राजगीर.

केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रा) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि मैं बिहार लौटना चाहता हूँ, तो कई नेताओं को तकलीफ और चिंता होने लगती है. उनके द्वारा मुझे रोकने की साजिश की जाती है. राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम में महती भीड़ को संबोधित करते हुये उन्होंने रविवार को यह कहा. मंच पर से उन्होंने हाथजोड़कर भीड़ का अभिवादन किया. भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और पद्मश्री रामविलास पासवान के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर उन्होंने ऐलान किया कि वे बिहार से नहीं, बल्कि बिहार के लिए चुनाव लड़ेंगे. बिहार के विकास की बगैर चर्चा करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पर जमकर हमला करते हुए कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाला है. उसमें पांच साल का भविष्य तय किया जायेगा. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान को लेकर देश को भ्रमित किया गया. 1975 में आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने संविधान की हत्या की थी. संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था. उन्होंने लोकतंत्र की हत्या का आरोप राहुल गाँधी पर लगाया. कांग्रेस बाबा साहब का नाम तो लेती है. लेकिन सम्मान नहीं देती है. उन्होंने कहा चिराग पासवान जब तक जिंदा है तब तक संविधान और आरक्षण पर कोई खतरा नहीं है. उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट नारा को लेकर उन्हें तोड़ने का काफी प्रयास किया गया है. पहले परिवार को तोड़ा गया, फिर पार्टी को तोड़ा गया. मैं न टूटने वाला हूं और न झुकाने वाला. बिहार के गरीबी और बेरोजगारी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने राज्य जिलों और प्रखंड में ही रोजगार की व्यवस्था की जाएगी तेजस्वी यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी के नाम पर लोगों से जमीन ली गई उनके माता-पिता के शासनकाल में बिहारी को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ा. समागम को जमुई सांसद अरुण भारती, सांसद बीणा देवी, सांसद शांभवी चौधरी, राजेश कुमार, सीमा सिंह, मिथिलेश पासवान, इंदु कश्यप जनार्दन पासवान सहित विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्ष एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में उपस्थित रहे.

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Published by: Santosh kumar singh

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