बुधवार को बिहार के माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान काशी तकिया मोहल्ला पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के प्रसिद्ध आलिम व लेखक स्व. मौलाना अली अरशद शर्फी के निवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की और सांत्वना दी.
By SANTOSH KUMAR SINGH | Updated at :
बिहारशरीफ. बुधवार को बिहार के माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान काशी तकिया मोहल्ला पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के प्रसिद्ध आलिम व लेखक स्व. मौलाना अली अरशद शर्फी के निवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की और सांत्वना दी. मौलाना अली अरशद शर्फी का निधन मंगलबार को सुबह हुआ था. इस मोके पर राज्यपाल ने कहा कि मौलाना शर्फी की सेवाएं और उनकी लिखी पुस्तकें पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा हैं. उन्होंने मौलाना की लिखी दर्जनों किताबें देखीं, जिनमें कुछ उनके हस्तलिखित भी थीं. विशेष रूप से मकतुबाते सदी और नौशे तौहीद रह. जैसे ग्रंथों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि हम इन पुस्तकों में दी गई शिक्षाओं पर चलें, तो समाज में शांति और खुशहाली संभव है. इस अवसर पर बाबा हज़रत शेख शर्फ़ उद्दीन अहमद यहिया मनेरी रह. के सज्जादानशीं सैफ उद्दीन फिरदौसी (पीर साहब) से मुलाकात कर उन्होंने बुजुर्गों की शिक्षाओं को सुना और लोगों से उस मार्ग पर चलने की अपील की. राज्यपाल को मौलाना शर्फी की लिखी लगभग एक दर्जन किताबें भेंट की गईं. इस मोके पर मौलाना के पुत्र अहमद ग़ज़ाली, सांसद कौशलेंद्र कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष मो. अरशद, हुस्साम फिरदौसी, मो. मसीह उद्दीन, सैयद आबिद हुसैन, छोटन बिहारी, अली अहमद, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत कई गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे. इसके बाद राज्यपाल मित्तनघाट स्थित बाबा हज़रत शेख शर्फ़ उद्दीन अहमद यहिया मनेरी रह. की मजार पर पहुंचे, जहां उन्होंने चादरपोशी की और बिहार सहित देश-दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी. इस अवसर पर सज्जादानशीं हजरत शमीम मोनअमी, सैफ उद्दीन फिरदौसी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
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