हिलसा में जैविक कॉरीडोर के तहत कृषकों को दिया गया प्रशिक्षण

इस दौरान कृषकों को जैविक विधि से खेती करने की जानकारी दी गयी.

हिलसा. मंगलवार को बिहार राज्य जैविक मिशन के तहत सिपारा हिलसा जैविक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा जैविक कॉरिडोर योजना के तहत हिलसा प्रखंड कार्यालय के सभागार में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान कृषकों को जैविक विधि से खेती करने की जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण में मौजूद नूरसराय उद्यान महाविद्यालय के साइंटिस्ट डॉक्टर रामबाबू रमन एवं डॉ अजीत कुमार व आइसीएस मैनेजर नवीन भारती ने किसानों को बताया कि रसायनिक की जगह जैविक खाद का भी उपयोग कर किसान खेती से अच्छा फसल उत्पादन कर सकते हैं. जैविक खेती से प्राप्त फसल का उपयोग स्वस्थ जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण है. जैविक खेती बदलते मौसम के अनुकूल तथा जंगली पशु, नीलगाय, बंदर से पूर्णतः सुरक्षित व फायदेमंद है. इसलिए आज जागरूक किसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं. कुछ किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारियां नही है. इसलिए सरकार के द्वारा किसानों को प्रशिक्षण देकर जागृत किया जा रहा है. प्रशिक्षण में जैविक खेती के बीजामृत, जीवामृत, घन जीवामृत, निमास्त्र, अग्नि अस्त्र, ब्रम्हास्त्र, ट्राइकोडर्मा, जैव उर्वरक, पौधा सुरक्षा हेतु जैविक विधियों को अपनाने एवं उपयोग की विधि की जानकारी दी गई. इस मौके पर डीपीएनयू अमित कुमार, सिपारा हिलसा जैविक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के आइसीएस मैनेजर नवीन भारती, अनिल कुमार भारती, रामजी प्रसाद, राकेश कुमार, पप्पू कुमार, मनोज कुमार, पिंटू, ईश्वरी प्रसाद, किशोरी प्रसाद, अर्जुन प्रसाद,राघो प्रसाद, नरेश प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, कृष्णदेव प्रसाद, श्याम मोहन प्रसाद, शिव कुमार, शैलेंद्र कुमार मिथिलेश प्रसाद शिवजी प्रसाद इत्यादि प्रशिक्षण में सैकड़ों महिला व पुरुष कृषक शामिल थे.

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Published by: Amlesh prasad

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