राजगीर की डिग्री कॉलेज में मनायी गयी स्वामी विवेकानंद की जयंती

राजकीय डिग्री महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम मंगलवार को संपन्न हो गया.

By AMLESH PRASAD | January 13, 2026 11:01 PM

राजगीर. राजकीय डिग्री महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम मंगलवार को संपन्न हो गया. यह आयोजन स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों में जागरूकता, नैतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक की समझ विकसित करने के उद्देश्य से किया गया. कार्यक्रम के पहले दिन स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस दौरान वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और युवाओं के प्रति उनके संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला. विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया गया. इस अवसर पर कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कामना ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है. उन्होंने बताया कि अब इसे समझना और सीखना समय की आवश्यकता है. मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा युवा दिवस के अवसर पर पूरे भारत में एआइ को एक कोर्स के रूप में पढ़ाने और लागू किए जाने की जानकारी भी दी गयी. अन्य शिक्षकों ने भी एआइ और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किया. कार्यक्रम के दूसरे दिन व्याख्यान एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. व्याख्यान का विषय वर्तमान समय में एआई का महत्व निर्धारित किया गया. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आनंद प्रकाश गुप्ता ने स्वामी विवेकानंद के वेदांत दर्शन पर प्रकाश डालते हुए भारतीय जीवन मूल्य, धर्म, संस्कृति और मानवीय आदर्शों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नवाचारों का युग है, ऐसे में विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े प्रशिक्षण लेकर इसका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए, साथ ही अपनी बौद्धिक क्षमता के विकास पर भी विश्वास बनाए रखना चाहिए. डॉ रूपम शर्मा ने कहा कि एआइ को विद्यार्थी एक शिक्षक की तरह प्रयोग करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न रहें. एआइ हमसे नियंत्रित होना चाहिए, न कि हम एआइ से. उन्होंने विभिन्न एआइ एप्स की जानकारी भी दी. कार्यक्रम का संचालन डॉ. जगमोहन कुमार ने किया. मौके पर डॉ शारदा कुमारी, डॉ प्रगति पांडेय, सुश्री पिंकी आर्या, डॉ अमर कुमार, डॉ कुमार जयप्रकाश एवं डॉ धीरेंद्र उपाध्याय ने भी विचार साझा किया.

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