Bihar shariff News : प्राचीन ज्ञान, संस्कृति और बौद्ध विरासत की ऐतिहासिक धरती नालंदा के विश्व धरोहर एवं ह्वेनसांग स्मृति परिसर का सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह तथा पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने नालंदा की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध इतिहास से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन किया.
दोनों न्याययधीशों का भव्य स्वागत किया
नव नालंदा महाविहार (सम विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने दोनों न्यायाधीशों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और संस्थान की शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी.
बौद्ध विरासत से जुड़े प्रदर्शनों का अवलोकन किया
भ्रमण के दौरान न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह और न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने महान बौद्ध विद्वान एवं चीनी यात्री ह्वेनसांग की ऐतिहासिक ज्ञान यात्रा, प्राचीन नालंदा की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा तथा भारत की सांस्कृतिक और बौद्ध विरासत से जुड़े प्रदर्शनों का अवलोकन किया. उन्होंने परिसर में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की.
आईजी समेत कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जितेंद्र राणा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी संजीत कुमार गुप्ता, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा महाविहार के शिक्षक एवं कर्मी मौजूद रहे. शिक्षकों में डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. सोनम लामो और डॉ. अशोक कुमार सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे.
महाविहार प्रशासन ने बताया कि ह्वेनसांग स्मृति परिसर भारतीय ज्ञान परंपरा, बौद्ध अध्ययन, शोध और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का महत्वपूर्ण केंद्र है.
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