नालंदा के हिलसा शहर स्थित एसयू कॉलेज के मुख्य द्वार पर गुरुवार से छात्र जदयू ने पीजी (स्नातकोत्तर) में सीट बढ़ोतरी एवं नए विषयों की पढ़ाई शुरू कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया.
धरना की अध्यक्षता पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पूर्वी भाग) के अध्यक्ष आशीष पटेल ने की, जबकि संचालन कॉलेज प्रतिनिधि रिशु पटेल ने किया.
धरना पर बैठे छात्र नेताओं ने कहा कि एसयू कॉलेज में वर्तमान में पीजी स्तर पर केवल चार विषयों की पढ़ाई संचालित हो रही है, जिनमें सीटों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए.
इसके साथ ही जूलॉजी, केमिस्ट्री, बॉटनी, फिजिक्स, हिंदी, दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी), पाली, संस्कृत, अंग्रेजी, उर्दू, साइकोलॉजी तथा एमएलआईएस (मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी पीजी की पढ़ाई शुरू की जाए.
1955 में स्थापित कॉलेज को पीजी विस्तार से रखा गया वंचित
छात्र नेताओं ने बताया कि 17 जुलाई 2026 को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विश्वविद्यालय के सात अन्य कॉलेजों में विभिन्न पीजी विषयों की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया, लेकिन वर्ष 1955 में स्थापित इस ऐतिहासिक एसयू कॉलेज को इससे वंचित रख दिया गया.
उनका कहना है कि इसके कारण हिलसा अनुमंडल के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर बिहारशरीफ या पटना जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और समय दोनों का भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
विश्वविद्यालय को भेजा गया है अनुरोध पत्र: प्राचार्य
एसयू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शिवचंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हुए 22 जुलाई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजा गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय जल्द ही छात्रों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगा.
धरना प्रदर्शन में राकेश कुमार, अमित पटेल, आशीष राज, अकेश रंजन, अंकेश रंजन कुमार, चितरंजन कुमार, सूरज चौधरी सहित बड़ी संख्या में छात्र जदयू कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.
