बिंद में हो रहे रासलीला में किया गया पूतना के वध का मंचन
बिंद गांव में मां महारानी मंदिर की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 15 दिवसीय चल रही श्री कृष्ण रासलीला में तीसरे दिन कंस द्वारा श्री कृष्ण को ढूंढने और उन्हें मारने के लिए भेजे गए राक्षसों के वध का मंचन किया गया.
बिंद में हो रहे रासलीला में किया गया पूतना के वध का मंचन
बिंद. बिंद गांव में मां महारानी मंदिर की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 15 दिवसीय चल रही श्री कृष्ण रासलीला में तीसरे दिन कंस द्वारा श्री कृष्ण को ढूंढने और उन्हें मारने के लिए भेजे गए राक्षसों के वध का मंचन किया गया. इस दौरान पूतना के वध के मंचन के दौरान श्री कृष्ण द्वारा किए गए वध पर पंडाल में जय श्री कृष्णा के जय घोष गूंजे. इस दौरान बड़ी संख्या में वृंदावन से पहुंचे कलाकारों की रासलीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी. मां महारानी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जिला परिषद सह पैक्स अध्यक्ष बिपिन चौधरी ने बताया कि रासलीला के तीसरे दिन की शुरुआत पूजन के साथ की गई, जिसके बाद नंद के घर भगवान की बचपन की अठखेलियों का दृश्य दिखाया गया. मंचन में आगे की प्रस्तुति में दिखाया गया कि कंस को नहीं पता चल पा रहा था कि, उसके काल के रूप में पैदा हुए श्री कृष्ण कहा हैं. जिस पर उसने पूतना को नवजन्मे बच्चों को मारने के लिए भेजा. इस दौरान जब ढूंढते-ढूंढते पूतना श्री कृष्ण के घर पहुंची तो उसने चुपके से श्री कृष्ण को उठाया और अपना विषैला दूध पिलाकर, उनको मारने का प्रयास करने लगी, लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने दूध के साथ-साथ पूतना के प्राण भी खींच लिए. मंचन की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को शुरू से अंत तक पंडाल में रोके रखा. इस दौरान हर तरफ नंद घर गोपाल आयो, जय कन्हैया लाल की, आदि जयघोष लगाये गये. इसके बाद वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा विभिन्न तरह के नृत्य पेश करके लोगों को झूमने पर मजबूर किया.
रासलीला प्रारंभ होने से पहले प्रत्येक दिन शाम पांच बजे से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भी आयोजन किया जा रहा है. मंगलवार की शाम को भी कथावाचक पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ किया. इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के वाचन व श्रवण से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. भागवत कथा के बाद रासलीला की शुरूआत में आरती का कार्यक्रम हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजन-अर्चन की. जिसमें श्री कृष्ण की महारास कि प्रस्तूति किया गया. महारास में भगवान श्रीकृष्ण व गोपियों के बीच अटूट प्रेम, भक्ति का दृश्य देख श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए और इस दौरान राधे-श्याम कि जयघोष से पूरा पंडाल गुंजायमान हो गया. कृष्ण-राधा व गोपियों कि मोर नृत्य देख लोग आत्म विभोर हो गए. बताते चलें कि 26 अप्रैल तक रात्रि नौ से 12 बजे तक रासलीला का मंचन किया जायेगा. वहीं 27 अप्रैल को भव्य जागरण से होगा, जिसमें भोजपुरी के प्रसिद्ध कलाकार निशा उपाध्याय, खुशी कक्कड़, धनंजय शर्मा और शिवकुमार बिक्कु अपनी प्रस्तुतियां देंगे.
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