बाबा सिद्धनाथ की पावन नगरी राजगीर गुरुवार से पूरी तरह शिवभक्ति और गहरी आस्था के रंगों में सराबोर हो गई है. पवित्र श्रावणी मेले के आधिकारिक शुभारंभ के साथ ही 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से पूरा मेला क्षेत्र गूंज उठा है.
दूर-दराज के जिलों व अन्य राज्यों से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरे मेला क्षेत्र को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
यहां की रंग-बिरंगी सजावट, चकाचौंध रोशनी और अलौकिक धार्मिक माहौल श्रद्धालुओं को एक अनूठी आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा है.
मेला कार्यालय का उद्घाटन और प्रशासनिक तैयारियां
श्रावणी मेले के इस पावन अवसर पर स्थानीय विधायक कौशल किशोर ने मेला क्षेत्र में बनाए गए प्रशासनिक कार्यालय का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि राजगीर की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ बनाने में श्रावणी मेले की हमेशा से एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं. मेला परिसर में पूजा सामग्री, बर्तन, खिलौने, खानपान केंद्रों और मीना बाजार की दुकानें पूरी तरह सजकर तैयार हो चुकी हैं. इसके अलावा, श्रद्धालुओं और उनके परिवारों के मनोरंजन के लिए भी विभिन्न आकर्षक साधन लगाए गए हैं.
आवास, चिकित्सा और सुरक्षा के कड़े प्रबंध
कांवरियों के विश्राम के लिए जर्मन हैंगर पंडाल, अतिरिक्त आश्रय स्थल और अस्थायी शौचालयों की समुचित व्यवस्था की गई है.
इसके साथ ही क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है.
श्रावणी मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिला पदाधिकारी (DM) उदिता सिंह ने मेला क्षेत्र और ऐतिहासिक ब्रह्मकुंड परिसर का औचक निरीक्षण किया.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को समय पर आवश्यक सूचनाएं देने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए. श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए एक विशेष 'कंट्रोल रूम' भी स्थापित किया गया है.
डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकता से निपटने के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम रहेंगे.
जरूरत पड़ने पर 'आपदा मित्रों' की सेवाएं भी ली जाएंगी, ताकि हर परिस्थिति में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके. उन्होंने जोर देकर कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) भारत सोनी, DFO राजकुमार एम, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सूर्य प्रकाश गुप्ता, DSP संजीत कुमार गुप्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
जिला प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि इस वर्ष का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित, आध्यात्मिक और बेहद अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा.
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