Sheikhpura News : (रंजीत कुमार) बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. शेखपुरा में भाकपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने सरकार के फैसले और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया है.
सहयोग शिविर में उठाया आवास विवाद का मुद्दा
सामस बुजुर्ग में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान प्रभात कुमार पाण्डेय ने कहा कि बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी को सर्कुलर रोड स्थित 10 नंबर सरकारी आवास आवंटित किया गया था. वर्तमान में भी वह नेता प्रतिपक्ष के पद पर हैं, ऐसे में उन्हें बार-बार आवास खाली करने का नोटिस भेजना उचित नहीं है.
सरकार के फैसले पर खड़े किए कई सवाल
भाकपा नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या बिहार में मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष के लिए अलग-अलग नियम लागू हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि सत्ता पक्ष के कई सांसद किन आधारों पर सरकारी आवासों में रह रहे हैं। उनके अनुसार सरकार को इस विषय पर समान और पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए.
जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश
प्रभात कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि राज्य की जनता पेयजल संकट, विकास कार्यों की सुस्ती और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए आवास विवाद को राजनीतिक रंग दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए.
निर्णय वापस लेने की मांग
भाकपा नेता ने राज्य सरकार से राबड़ी देवी को आवास खाली कराने संबंधी निर्णय वापस लेने की मांग की।. उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए.
