Samrat Choudhary : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) की नालंदा डेयरी परियोजना में करीब 26 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास कर डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जीविका के माध्यम से बकरी पालकों को भी कॉम्फेड से जोड़ा जाएगा और उनके दूध की भी खरीद होगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
साथ ही, नालंदा डेयरी को पटना से अलग कर स्वतंत्र इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा.
दही-लस्सी संयंत्र और पेट्रोल पंप का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 20 एमटीपीडी क्षमता के दही एवं लस्सी संयंत्र तथा करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कॉम्फेड संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप एवं सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया.
डीप फ्रीजर का वितरण
उन्होंने आठ पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा जीविका दीदी तनुजा देवी को प्रतीकात्मक रूप से डीप फ्रीजर की चाबी सौंपकर राज्य के 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहा डेयरी क्षेत्र: मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि बिहार में डेयरी क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और सुधा से जुड़े लाखों किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं. राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पशुपालन और डेयरी को प्राथमिकता दे रही है.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डेयरी परियोजना का निरीक्षण किया, जीविका के पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल महिलाओं से संवाद किया तथा कॉम्फेड की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया.
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