नालंदा जिले में सरकार द्वारा शुरू किए गए 'सहयोग पोर्टल' का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है. सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों में अनियमितता को लेकर जागरूक नागरिक लगातार पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिसके आधार पर संबंधित विभाग कार्रवाई भी शुरू कर रहे हैं.
ताजा मामला सरमेरा प्रखंड का है, जहां तीन पैक्सों में कथित रूप से नियमों की अनदेखी कर सगे-संबंधियों को प्रबंधक बनाए जाने की शिकायत पर जिला सहकारिता पदाधिकारी ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है.
जिला सहकारिता पदाधिकारी, नालंदा ने इस संबंध में सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, सरमेरा को पत्रांक-1510, दिनांक 11 जुलाई 2026 के माध्यम से निर्देश जारी किया है. यह कार्रवाई श्री गुड्डू कुमार द्वारा सहयोग पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है.
तीन पैक्सों पर लगे नियमों की अनदेखी के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरमेरा प्रखंड के मीरनगर पैक्स, चेरो पैक्स तथा इसुआ पैक्स में प्रबंधकों की नियुक्ति के दौरान आदर्श कार्मिक नियमावली का पालन नहीं किया गया. आरोप है कि इन समितियों में सगे-संबंधियों को गलत तरीके से प्रबंधक बनाकर उनसे कार्य लिया जा रहा है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
जांच कर तत्काल कार्रवाई का निर्देश
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने शिकायत और उसके साथ उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, सरमेरा नवीन कुमार को निर्देश दिया है कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित पैक्सों में प्रबंधकों की नियुक्ति आदर्श कार्मिक नियमावली के विपरीत हुई है, तो ऐसे प्रबंधकों से तत्काल कार्य लेना बंद कराया जाए.
साथ ही नियमानुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए नए पैक्स प्रबंधकों की नियुक्ति सुनिश्चित कराई जाए.
बैंक को प्रति भेजना और नागरिकों की बढ़ रही भागीदारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी ने पत्र की प्रति प्रबंध निदेशक, दी नालंदा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहारशरीफ को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है, ताकि जरूरत पड़ने पर बैंक स्तर से भी नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
हाल के दिनों में सहयोग पोर्टल के माध्यम से जिले के विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों की संख्या बढ़ी है. इससे यह संकेत मिल रहा है कि लोग सरकारी योजनाओं, नियुक्तियों और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए अब डिजिटल माध्यम का अधिक उपयोग कर रहे हैं. प्रशासन भी इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर रहा है.
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