नालंदा सदर अस्पताल : बायोमेट्रिक उपस्थिति होगी अनिवार्य, गैरहाजिर डॉक्टरों का रुक सकता है वेतन

बिहारशरीफ के सदर अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. अब रोस्टर के अनुसार ड्यूटी करना अनिवार्य होगा, और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी. बिना वैध कारण अनुपस्थित रहने पर वेतन स्थगित किया जाएगा और विभागीय कार्रवाई होगी.

Nalanda News : बिहारशरीफ के सदर अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह के कड़े निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने सभी चिकित्सकों को अपने निर्धारित रोस्टर के अनुसार अनिवार्य रूप से ड्यूटी करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का आधिकारिक निर्देश जारी किया है.

यह त्वरित कार्रवाई समाचार पत्र में प्रकाशित शिकायत के बाद गंभीरता से की गई है. जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, नालंदा को भेजे गए प्रतिवेदन में बताया है कि अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा सुलभ बनाने के उद्देश्य से सभी चिकित्सकों को निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.

सुपरवाइजर करेंगे लगातार निगरानी, रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से कार्य करना होगा अनिवार्य

आधिकारिक प्रतिवेदन के अनुसार, सभी चिकित्सकों को अपने निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से अस्पताल में कार्य करना होगा तथा आधुनिक बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से ही अपनी प्रतिदिन की उपस्थिति दर्ज करानी होगी. इसके साथ ही, अस्पताल के सुपरवाइजरों को भी चिकित्सकों की उपस्थिति की लगातार गहन निगरानी करने तथा यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है कि सभी डॉक्टर समय पर अपने-अपने आवंटित कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहें. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बिना वैध कारण गायब रहने पर स्थगित होगा वेतन, लापरवाही बरतने पर होगी विभागीय कार्रवाई

अस्पताल प्रशासन ने नियमों को स्पष्ट करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई चिकित्सक बिना किसी वैध कारण के अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है अथवा निर्धारित समय पर अस्पताल नहीं पहुंचता है, तो संबंधित अवधि का उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया जाएगा. इसके अलावा, नियमों की अवहेलना करने वाले संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी. इस कदम से अस्पताल की कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता, अनुशासन और जवाबदेही के लिए जारी रहेगी मॉनिटरिंग

अस्पताल प्रशासन का साफ तौर पर कहना है कि अस्पताल आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से पूरी चिकित्सा व्यवस्था को अधिक अनुशासित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सभी चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.

प्रशासन का मानना है कि चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति से अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों को समय पर उचित उपचार मिलेगा, अनावश्यक इंतजार की समस्या कम होगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा. जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अस्पतालों में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने के लिए आगे भी औचक निरीक्षण और नियमित निगरानी का दौर जारी रहेगा.


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