नालंदा : जीविका और ई-टू फाउंडेशन की पहल, महिलाओं को सिखाए गए मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन के गुर

ई-टू फाउंडेशन और जीविका द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने बिहार की 27 ग्रामीण महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है. इस प्रशिक्षण ने उन्हें व्यवसाय संचालन, विपणन और वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुई हैं.

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ई-टू फाउंडेशन द्वारा संचालित 'महिला व्यवसाय कार्यक्रम' के अंतर्गत जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन समिति) के सहयोग से 23 एवं 24 जुलाई को बिहारशरीफ में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया.

इस प्रशिक्षण में नालंदा जिले की 27 ग्रामीण महिला उद्यमियों ने भाग लिया और व्यवसाय संचालन, विपणन, वित्तीय प्रबंधन तथा व्यवसाय विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं.

उद्यमिता क्षमता और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने पर ध्यान

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता क्षमता को विकसित करना, उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की नई रणनीतियों से परिचित कराना, उत्पादों के बेहतर विपणन (मार्केटिंग) की जानकारी देना, वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाना तथा ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं तक उनकी पहुंच को आसान बनाना था.

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यवसाय संचालन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान भी बताया गया.

खेल और गतिविधियों के जरिए दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम को रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए चलचित्र, समूह चर्चा, सामूहिक गतिविधियां, खेल आधारित अभ्यास तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण का सहारा लिया गया. प्रत्येक महिला उद्यमी को अपने जीवन और व्यवसाय से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर दिया गया, जिससे प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा और सीखने का एक सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ.

प्रशिक्षण में शामिल एक महिला उद्यमी ने बताया कि इस कार्यक्रम से उन्हें अपने उद्यम को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने और उसका विस्तार करने की नई सोच व प्रेरणा मिली है.

अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने दी बैंकिंग योजनाओं की जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जीविका, नालंदा के जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार पासवान, युवा पेशेवर अमित वैभव तथा प्रखंड परियोजना प्रबंधक सुधीर दुबे ने भाग लिया. अधिकारियों ने महिलाओं को व्यवसाय विस्तार के लिए उपलब्ध वित्तीय अवसरों, विभिन्न बैंकिंग योजनाओं तथा जिम्मेदारीपूर्वक ऋण के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार पासवान ने कहा कि महिला उद्यमियों की बढ़ती ऋण आवश्यकताओं को जीविका निधि, व्यक्तिगत वित्तीय सहायता तथा बैंक योजनाओं के माध्यम से पूरा किया जाएगा.

वहीं, ई-टू फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रमुख काशीनाथ ने कहा कि जीविका के साथ यह साझेदारी ग्रामीण महिलाओं को ज्ञान, कौशल और वित्तीय अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने और उनकी स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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By Kanchan kumar

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