वैश्विक पर्यटन केंद्र राजगीर की यातायात व्यवस्था बदहाल, चौक-चौराहों से पुलिस गायब, वर्षों से उठ रही अलग ट्रैफिक थाना की मांग

वैश्विक पर्यटन केंद्र राजगीर में ट्रैफिक थाना न होने से यातायात व्यवस्था बदहाल है। चौक-चौराहों से पुलिस गायब होने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।

Nalanda News: अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर की वैश्विक पहचान और प्रतिदिन बढ़ते वाहनों के भारी दबाव के बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. पर्यटन नगरी की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लंबे समय से राजगीर में एक स्वतंत्र ट्रैफिक थाना खोलने तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर नियमित ट्रैफिक पुलिस बल तैनात करने की मांग उठाई जा रही है. हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी यह महत्वपूर्ण मांग केवल सरकारी कागजों और फाइलों तक ही सीमित है.

पूर्व में पत्राचार के बावजूद नहीं खुल सका ट्रैफिक थाना

पूर्व प्रखंड प्रमुख सुधीर कुमार पटेल, पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार, केंद्रीय पर्यटन सलाहकार डॉ. कौलेश कुमार सहित अन्य स्थानीय प्रबुद्ध लोगों ने बताया कि राजगीर में ट्रैफिक थाना स्थापित करने के लिए पूर्व में प्रशासनिक स्तर पर कई प्रयास और पत्राचार किए गए थे. तत्कालीन एसपी अशोक मिश्रा ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा था, वहीं तत्कालीन एसडीओ कुमार ओमकेश्वर ने भवन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. इसके बावजूद आज तक राजगीर को अपना ट्रैफिक थाना नहीं मिल पाया है. स्थिति यह है कि वर्तमान में शहर के किसी भी व्यस्त चौराहे पर यातायात पुलिसकर्मी तैनात नहीं दिखते हैं.

वैश्विक विस्तार के बाद भी व्यवस्था 20वीं सदी जैसी

वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार और युवा राजद के पूर्व सचिव गोलू यादव ने कहा कि जब राजगीर अधिसूचित क्षेत्र समिति हुआ करता था, तब सीमित संसाधनों के बावजूद प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात रहते थे और यातायात बेहतर था. लेकिन अब राजगीर नगर परिषद बन चुका है और इसकी पहचान एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में हो चुकी है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई है, परंतु यातायात प्रबंधन में कोई सुधार नहीं हुआ है.

डीएम और एसपी से अलग ट्रैफिक थाना खोलने की गुहार

शहर के बदतर होते ट्रैफिक हालात को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने नालंदा की जिलाधिकारी (डीएम) उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी और राज्य सरकार से राजगीर में तुरंत प्रभाव से एक अलग ट्रैफिक थाना स्थापित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि 21वीं सदी की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप चौक-चौराहों पर पुलिस की स्थायी तैनाती होनी चाहिए, ताकि स्थानीय निवासियों और विदेशी पर्यटकों को सुगम व सुरक्षित यातायात की सुविधा मिल सके.

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By रामविलास प्रसाद

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