Rajgir Heavy Rain : शुक्रवार दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने नगर परिषद, राजगीर के बरसात पूर्व नाला सफाई अभियान की हकीकत उजागर कर दी है.
करीब एक घंटे की तेज वर्षा के बाद शहर की अधिकांश सड़कें जलमग्न हो गईं. नालियों में पानी की निकासी नहीं होने से वर्षा का पानी सड़कों पर ही बहने लगा, जिससे प्रमुख मार्ग नदी-नाले का रूप लेते नजर आए.
इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
कई प्रमुख इलाकों में घुटने तक भरा पानी
शहर के धर्मशाला रोड, छबिलापुर रोड, मेन बाजार, कॉलेज रोड, निचली बाजार, दांगी टोला, माली टोला, नौलखा मंदिर रोड समेत कई इलाकों में पानी सड़क पर जमा हो गया. नाला की जगह सड़क और गली में पानी की धारा बहने लगी.
कई स्थानों पर लोगों को घुटने तक पानी से होकर गुजरना पड़ा. सड़क और नाली का अंतर मिट जाने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहा. वहीं, स्कूली बच्चे और अभिभावक भी जलभराव के बीच किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचे.
दावों और खर्च के बावजूद ढाक के तीन पात जैसी स्थिति
वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार एवं अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई का दावा किया जाता है. सफाई के नाम पर अच्छी-खासी राशि भी खर्च की जाती है, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात जैसा ही रहता है.
पहली ही तेज बारिश में नगर परिषद की व्यवस्था की पोल खुल गई. पार्षद एवं अन्य लोगों ने आरोप लगाया है कि अधिकांश नाले-नालियां गाद और कचरे से भरी होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा.
व्यापारियों में नाराजगी, स्थायी समाधान की मांग
व्यापारियों ने भी जलभराव से दुकानों के सामने पानी जमा होने पर गहरा आक्रोश जताया है. उनका कहना है कि यदि समय रहते नालों की समुचित सफाई कराई जाती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती.
नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से जलनिकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने, बंद नालों की तत्काल सफाई कराने तथा भविष्य में इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि हर बारिश में शहरवासियों को इस तरह की नारकीय स्थिति का सामना न करना पड़े.
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