राजगीर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में AI वर्कशॉप, छात्रों ने खुद बनाया संवाद करने वाला AI सिस्टम

राजगीर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में 'रियल टाइम एआई असिस्टेंस' पर एक खास कार्यशाला आयोजित की गई. छात्रों ने न केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया को समझा, बल्कि उन्होंने खुद एक इंटरैक्टिव एआई सिस्टम भी विकसित किया. यह कार्यशाला विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने में एक अहम कदम साबित हुई.

Artificial Intelligence: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, राजगीर में विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की संभावनाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से शनिवार को ‘रियल टाइम एआई असिस्टेंस’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला का संचालन एलेन बिहार के विशेषज्ञ आकाश कुमार और अनमोल कुमार ने किया. आधुनिक तकनीक पर आधारित इस कार्यशाला को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया.

विद्यार्थियों ने समझी एआई की कार्यप्रणाली

कार्यक्रम की शुरुआत इंटरैक्टिव सेशन से हुई. इसमें विद्यार्थियों ने दैनिक जीवन में एआई के उपयोग, उसकी कार्यप्रणाली और संभावनाओं के बारे में जानकारी हासिल की. विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में चयनित विद्यार्थियों ने अपना एआई सिस्टम विकसित करने का व्यावहारिक प्रयास किया. यह सिस्टम उपयोगकर्ता के साथ सीधे संवाद करने में सक्षम था.

इस दौरान विशेषज्ञों ने एआई और तकनीक से जुड़े कई रोचक एवं चुनौतीपूर्ण सवाल विद्यार्थियों से पूछे. विद्यार्थियों ने भी उत्साह और तत्परता के साथ सवालों के जवाब दिए और अपनी तकनीकी समझ का प्रदर्शन किया.

30 विद्यार्थियों का हुआ चयन

पहले चरण की गतिविधियों और विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर 30 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन विशेष हैंड्स-ऑन सेशन के लिए किया गया. दूसरे चरण में विद्यार्थियों को एआई तकनीक के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.

विभिन्न राउंड में आयोजित गतिविधियों के दौरान विद्यार्थियों ने तकनीकी समझ, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के अंत में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया.

प्राचार्य ने बताया समय की जरूरत

विद्यालय के प्राचार्य विवेक किशोर ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों को रियल टाइम एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है. ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और तकनीकी समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ता है आत्मविश्वास

कार्यक्रम के संयोजक रोहित कुमार वर्मा ने कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया. उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण से बच्चों में तकनीक को समझने और उसका रचनात्मक उपयोग करने का आत्मविश्वास बढ़ता है.

मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया.

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By रामविलास प्रसाद

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