Rajgir Development Plan : नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने संसद में राजगीर में नेचुरोपैथी चिकित्सा केन्द्र और आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर प्राकृतिक चिकित्सा के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है.
सांसद ने कहा कि राजगीर क्षेत्र विपुलगिरि, रत्नागिरि, उदयगिरि, स्वर्णगिरि और वैभारगिरि इन पांच पहाड़ियों से घिरा हुआ है. इन पहाड़ियों पर प्राचीन काल से लाखों जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं. इसी विषय पर राजगीर में हाल ही में जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी के साथ आयुर्वेद और नेचुरोपैथी पर तीन दिवसीय चर्चा का आयोजन हुआ था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था.
बिहारशरीफ-नालंदा की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें
365 दिन बहता है गंधक युक्त गर्म पानी
कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि पंच पहाड़ियों से 365 दिन गंधक युक्त गर्म पानी के कुंडों में गिरता रहता है. देश-विदेश से लोग यहां स्नान करने आते हैं और स्वास्थ्य लाभ लेते हैं. यह राजगीर की सबसे बड़ी प्राकृतिक पूंजी है.
सांसद ने कहा कि कि आज दुनिया फिर से पुरानी चीजों की ओर लौट रही है. ऐसे समय में आयुर्वेद के अभ्यास और प्राकृतिक चिकित्सा को जीवित रखना आवश्यक है. राजगीर में यदि नेचुरोपैथी केन्द्र और आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित होता है तो यह न केवल बिहार बल्कि पूरे देश और विदेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राजगीर की विशेषताओं को देखते हुए यहां इन संस्थानों की स्थापना शीघ्र की जाए.
यह भी पढ़ें : राजगीर को एक और सौगात देने की तैयारी, 5000 स्टूडेंट्स की क्षमता वाला नालंदा का पहला परीक्षा भवन बनेगा
