राजगीर मलमास मेला में डीएम-एसपी ने किया संपूर्ण मेला क्षेत्र का औचक निरीक्षण; चप्पे-चप्पे पर QRT और CCTV तैनात!

Rajgir Malmas Mela: राजगीर मलमास मेला को सुरक्षित बनाने के लिए डीएम कुंदन कुमार और एसपी भारत सोनी ने देर रात सुरक्षा व श्रद्धालु सुविधाओं का जायजा लिया. आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी (QRT) अलर्ट, स्वास्थ्य और पार्किंग की विशेष व्यवस्था. पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.

Rajgir Malmas Mela (रामविलास): बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के सबसे बड़े आयोजनों में से एक ‘राजकीय राजगीर मलमास मेला’ के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को लेकर नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. मेले में देश-विदेश से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और उन्हें मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए खुद जिले के कप्तानों ने कमान संभाल ली है. इसी कड़ी में जिलाधिकारी (DM) कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक (SP) भारत सोनी ने देर रात तक पूरे मेला क्षेत्र का सघन और व्यापक ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया.

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए कड़ा चक्रव्यूह, चप्पे-चप्पे पर रहेगी तीसरी आंख की नजर

आधी रात को शुरू हुए इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों ने पैदल मार्च करते हुए धार्मिक स्थलों, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्गों, मुख्य प्रवेश व निकास द्वारों, अस्थायी शिविरों और बैरिकेडिंग व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया. पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दोटूक निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले मुख्य पॉइंट पर पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल, दंडाधिकारियों (Magistrates) और स्वयंसेवकों की चौबीसों घंटे प्रतिनियुक्ति रहेगी. पूरे मेला क्षेत्र की सतत निगरानी के लिए हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का जाल बिछाया गया है, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे नियंत्रण कक्ष (Control Room) से होगी. इसके अलावा किसी भी अप्रिय या आपात स्थिति से पलक झपकते निपटने के लिए क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को हर समय हथियारों के साथ मुस्तैद रहने का हुक्म दिया गया है.

श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: मेडिकल और एम्बुलेंस टीमें 24/7 तैयार

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल (समन्वय) बनाकर काम करने की हिदायत दी. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके लिए शुद्ध पेयजल, युद्ध स्तर पर स्वच्छता, निर्बाध बिजली (प्रकाश व्यवस्था), और पुख्ता अग्निशमन (Fire) सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने राजगीर और मेला क्षेत्र के अस्पतालों को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा. उन्होंने पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, एम्बुलेंस सेवाओं की रेडी-टू-मूव स्थिति और मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में विशेष चिकित्सकीय टीमों की 24 घंटे तैनाती का आदेश दिया है.

जाम से मिलेगी मुक्ति, रूट डायवर्जन और पार्किंग के लिए बनी मेगा कार्ययोजना

मेले के दौरान राजगीर की सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव और संभावित महा-जाम की स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. डीएम-एसपी ने पार्किंग स्थलों का मुआयना करते हुए निर्देश दिया कि वाहनों के सुरक्षित ठहराव के लिए पर्याप्त साइनबोर्ड और वैकल्पिक रूटों की व्यवस्था की जाए, ताकि राजगीर आने-जाने वाले आम यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुगम मार्ग मिल सके.

इस हाई-लेवल मिडनाइट सर्च और निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता (DM), विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सहित प्रखंड और अनुमंडल स्तर के तमाम आला अधिकारी, पुलिस बल और संबंधित कर्मी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए. प्रशासन की इस सक्रियता से साफ है कि इस बार का राजगीर मलमास मेला ऐतिहासिक और पूरी तरह सुरक्षित होने जा रहा है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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