Rajgir Malmas Mela 2026 (रामविलास): नालंदा जिले में स्थित विश्वविख्यात अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक और पर्यटन नगरी राजगीर से इन दिनों चल रहे ‘राजकीय पुरुषोत्तम मलमास मेला’ के बीच एक बेहद दिलचस्प और खूबसूरत ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है. राजगीर में इस ऐतिहासिक मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी आवाजाही रात-दिन लगातार जारी है. इस महा-आयोजन के बीच नगर परिषद की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है कि शहर की अधिकांश पुरानी स्ट्रीट लाइटें (पोलों की बत्तियां) पूरी तरह बंद और खराब पड़ी हैं. लेकिन राहत की बात यह है कि इस प्रशासनिक सुस्ती के बावजूद पूरी आध्यात्मिक नगरी रात के समय नई और आधुनिक मरकरी लाइटों के कारण दूधिया रोशनी से पूरी तरह सराबोर नजर आ रही है.
फोरलेन के डिवाइडर पर लगी मरकरी लाइटों का जलवा, दूर से ही खींच रही हैं लोगों का ध्यान
स्थानीय लोगों और मेले में आ रहे पर्यटकों से मिली जानकारी के अनुसार, राजगीर का रात्रिकालीन नजारा इस समय किसी बड़े महानगर जैसा भव्य दिखाई दे रहा है. राजगीर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे फोरलेन के बीच बने डिवाइडर पर प्रशासन और एनएचएआई द्वारा अत्यंत आकर्षक मरकरी और हाई-पावर एलईडी (LED) लाइटें लगाई गई हैं. शाम ढलते ही जैसे ही इन आधुनिक लाइटों को ऑन किया जाता है, इनकी चमकीली दूधिया रोशनी से पूरा फोरलेन मार्ग सोने की तरह दमकने लगता है. यह विहंगम नजारा दूर से ही राजगीर आने वाले पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है और शहर की रात्रिकालीन खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है.
ब्लॉक रोड से लेकर ब्रह्मकुंड मार्ग तक पर्याप्त रोशनी, देर रात तक सुरक्षित घूम रहे हैं श्रद्धालु
फोरलेन के अलावा शहर के अन्य अंदरूनी मुख्य मार्ग जैसे ब्लॉक रोड, गिरियक रोड, छबिलापुर रोड और स्टेट हाईवे से वीरायतन होते हुए अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (RICC) के रास्ते मुख्य कुंड क्षेत्र तक जाने वाली सभी सड़कों को भी इस बार चमचमाती प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है. इसके साथ ही मुख्य बाजार क्षेत्र और पटेल चौक से लेकर पावन ब्रह्मकुंड तक जाने वाले सभी रास्तों पर इतनी पर्याप्त उजली रोशनी बिखरी हुई है कि श्रद्धालुओं को देर रात या तड़के सुबह आवाजाही करने में 1% भी डर या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. इस रोशनी के कारण महिलाएं और बच्चे खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
नेताओं ने की पुरानी लाइटों की मरम्मत की मांग, कहा “समय रहते काम होता तो बचता जनता का पैसा”
इस शानदार दूधिया रोशनी के बीच राजगीर नगर परिषद के वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार और वरिष्ठ मुखिया प्रतिनिधि बागीश भूषण समेत कई प्रबुद्ध नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल दागे हैं. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शहर के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य खम्भों पर सालों पहले जो महंगी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, उनमें से अधिकांश वर्तमान में खराब और कबाड़ हो चुकी हैं. मलमास मेला जैसे वैश्विक स्तर के बड़े धार्मिक आयोजन से कम से कम एक महीने पहले इन सभी बंद लाइटों की मरम्मत करा ली जानी चाहिए थी. लेकिन संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर इन पुरानी लाइटों को समय पर ठीक कर लिया जाता, तो राजगीर की रात्रिकालीन सुंदरता और अधिक दिव्य हो जाती और साथ ही वैकल्पिक लाइटों पर होने वाला भारी-भरकम सरकारी फिजूलखर्च भी आसानी से बचाया जा सकता था. बहरहाल, बंद लाइटों के इस सरकारी रोड़े के बावजूद राजगीर का एनएच फोरलेन और ब्रह्मकुंड जाने वाले तमाम रास्ते अपनी नई चमक से लाखों सनातनियों का दिल जीतने में पूरी तरह कामयाब साबित हो रहे हैं.
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