राजगीर. नववर्ष के आगमन से पहले ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर सैलानियों से पूरी तरह गुलजार हो चुकी है. शहर के प्रवेश द्वार से लेकर प्रमुख पर्यटन स्थलों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. मेला सैरात की भूमि हो या सर्कस मैदान, हर जगह वाहन ही वाहन नजर आ रहे हैं. पार्किंग स्थलों की क्षमता कम पड़ती दिख रही है और यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है. पछुआ हवा और कड़ाके की ठंड के बावजूद सैलानियों के उत्साह में कोई कमी नहीं है. ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए राजगीर की प्राकृतिक छटा और ऐतिहासिक धरोहरों का आनंद लेते दिख रहे हैं. बिहार ही नहीं, बल्कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. नववर्ष को लेकर खासकर युवाओं और परिवारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. पिकनिक मनाने वाले दल पहाड़ियों, जलाशयों और खुले मैदानों की ओर रुख कर रहे हैं. राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी, विश्व शांति स्तूप, रोपवे, गर्म कुंड, वेणुवन, साइक्लोपियन वॉल और ग्लास ब्रिज जैसे स्थलों पर दिनभर भीड़ बनी हुई है. सुबह से ही पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है. स्थानीय होटल, लॉज और गेस्ट हाउस लगभग फुल हो चुके हैं. होटल व्यवसायियों के अनुसार नववर्ष को देखते हुए अग्रिम बुकिंग काफी पहले से हो चुकी थी और अब वॉक-इन पर्यटकों के लिए कमरे मिलना मुश्किल हो रहा है. रेस्तरां, ढाबे और चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है, जिससे स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल रहा है. प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रमुख चौराहों और पर्यटन स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और नियमों का पालन करें. कुल मिलाकर, नववर्ष से पहले ही राजगीर उत्सव और उमंग के रंग में रंग चुका है. सर्दी के बावजूद सैलानियों की भारी भीड़ यह साबित कर रही है कि राजगीर का आकर्षण हर मौसम में बरकरार रहता है.
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