Rajgir Baba Temple Mob Lynching Case Updates (रामविलास): नालंदा जिले के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर से कानून-व्यवस्था और पुलिसिया से जूड़ी खबर सामने आई है. राजगीर के चर्चित झुनकिया बाबा मंदिर परिसर में हुए सनसनीखेज मॉब लिंचिंग कांड में गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और वारदात के समय के फुटेज के आधार पर तीन और मुख्य आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से धर-दबोचा है. इसके साथ ही इस खौफनाक मामले में सलाखों के पीछे जाने वाले आरोपियों की कुल संख्या अब चार हो गई है. कलेक्ट्रेट और पुलिस महकमे के वरीय अधिकारी इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं.
अलग-अलग जिलों और थानों से हुई गिरफ्तारी
राजगीर थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर इन महत्वपूर्ण गिरफ्तारियों की पुष्टि की. गिरफ्तार अभियुक्तों में सिलाव थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी बोधी राम का पुत्र संटू राम, छबिलापुर थाना क्षेत्र के मेयर गांव निवासी साधु शरण प्रसाद का पुत्र विवेक प्रसाद शामिल है. इसके अलावा, तीसरे आरोपी मनीष कुमार (पुत्र उमेश प्रसाद) को शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत रजौरा गांव से दबोचा गया है.
वायरल वीडियो और सीसीटीवी से खुला राज
डीएसपी ने बताया कि इस खूनी कांड में सबसे पहली गिरफ्तारी झुनकिया बाबा मंदिर परिसर में ही रहने वाले कुंज बिहारी शरण की हुई थी. कुंज बिहारी से कड़ाई से हुई पूछताछ और घटना के वायरल वीडियो व सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के गहन वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद इन तीन नए आरोपियों के नाम सामने आए.
पुलिस हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों ने अपना गुनाह और वारदात के वक्त मौके पर मौजूदगी स्वीकार कर ली है. इन सभी को कागजी कार्रवाई पूरी कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
स्पीडी ट्रायल से मिलेगी सजा, वीडियो शेयर करने पर रोक
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि इस कांड के शिकार हुए दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी पिंटू कुमार और श्रवण कुमार मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी दिन-रात साक्ष्य जुटा रही है.
पुलिस का मुख्य लक्ष्य इस केस का अनुसंधान बेहद कम समय में पूरा कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलवाना है. इस बीच, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे घटना से जुड़ा कोई भी संवेदनशील या मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर कतई शेयर न करें. पुलिस की साइबर सेल इंटरनेट पर लगातार नजर रख रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधे केस दर्ज किया जाएगा. फिलहाल, तीन से चार अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.
