Nalanda News: पर्यटक नगरी राजगीर में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है. थोड़ी देर की तेज वर्षा के बाद ही शहर के कई मुख्य मार्ग, चौक-चौराहे और सरकारी कार्यालय परिसर जलमग्न हो गए. सड़कों पर घुटने तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज से पहुंचे पर्यटकों और सावन के पावन अवसर पर आए शिवभक्तों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
पर्यटक सूचना केंद्र में घुसा पानी, दस्तावेज बचाने की चिंता
बारिश के कारण शहर के छबिलापुर रोड, धर्मशाला रोड, मुख्य बाजार, कॉलेज रोड और पर्यटक सूचना केंद्र के आसपास की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं. सबसे विकट स्थिति पर्यटक सूचना केंद्र कार्यालय में देखने को मिली, जहां सड़क से बहकर बारिश का पानी सीधे दफ्तर के अंदर घुस गया.
पर्यटक सूचना केंद्र के प्रभारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि फोरलेन से आने वाला पानी नालों की सफाई न होने के कारण सीधे परिसर में जमा हो गया. दफ्तर में पानी भरने से कर्मचारियों को काम करने में परेशानी हुई और जरूरी कागजातों व उपकरणों के खराब होने का खतरा बन गया.
सफाई कर्मियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था
स्थानीय निवासी अजय कुमार गुप्ता, निर्मल द्विवेदी, सुरेंद्र प्रसाद व अन्य लोगों ने बताया कि नगर परिषद के सफाई कर्मियों की बेमियादी हड़ताल के कारण पूरे शहर की व्यवस्था चरमरा गई है:
- नालों में फंसा कचरा: सड़कों, गलियों और नालों में कचरा जमा रहने से जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है.
- नालों से उफना पानी: नालों की सफाई न होने से बारिश का पानी सड़कों पर ही ओवरफ्लो होकर बहने लगा.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि मानसून से पूर्व नालों की अढाई-सफाई कराई गई होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती. उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब कचरा उठाने, नालों की सफाई कराने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है.
