हरनौत रेल कारखाने में गूंजी रेलकर्मियों की आवाज, निजीकरण के विरोध और पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर ईसीआरईयू का जनजागरूकता अभियान

ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्पलॉईज यूनियन (ईसीआरईयू) ने हरनौत में रेलकर्मियों के जन कन्वेंशन का आयोजन किया. उन्होंने रेलवे के निजीकरण, नई पेंशन नीति और आउटसोर्सिंग के खिलाफ आवाज उठाई.

Nalanda News: नालंदा जिला अंतर्गत सवारी डिब्बा रेल कारखाना हरनौत में रविवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्पलॉईज यूनियन (ईसीआरईयू) के तत्वावधान में एक विशाल जन कन्वेंशन सह जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया. 'एकजुटता हमारी ताकत-अधिकार हमारा लक्ष्य' के गगनभेदी नारे के साथ रेल कर्मचारियों ने रेलवे के निजीकरण, नए श्रम कानूनों, आउटसोर्सिंग और नई पेंशन नीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की.

रिक्त पदों पर नियमित बहाली और आउटसोर्सिंग पर रोक की मांग

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि रेलवे में दिनों-दिन कार्यभार बढ़ता जा रहा है, लेकिन रिक्त पदों पर नई भर्तियां नहीं होने से मौजूदा कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बना हुआ है. कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि रेलवे के महत्वपूर्ण कार्यों को निजी हाथों में सौंपने और आउटसोर्सिंग करने के बजाय सभी रिक्त पदों पर अविलंब नियमित बहाली की जाए. ईसीआरईयू के अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की वाजिब समस्याओं को पुरजोर तरीके से रेलवे प्रशासन और सरकार के समक्ष रखना है.

8वें वेतन आयोग और 60 हजार न्यूनतम वेतन की उठाई मांग

रेलकर्मियों ने केंद्र सरकार से 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों को लागू करने और न्यूनतम वेतन 60,000 रुपये निर्धारित करने की पुरजोर मांग की. इसके अलावा, 7वें वेतन आयोग के आधार पर 46,157 रुपये बोनस का भुगतान करने, चार नए श्रम कानूनों को निरस्त कर पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बिना किसी शर्त के लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई.

सुरक्षा उपकरण, जोखिम भत्ता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

सम्मेलन में रेलकर्मियों की सुरक्षा, सेहत और कार्यकुशलता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. नेताओं ने मांग की कि:

  • ड्यूटी की समय-सीमा अनिवार्य रूप से 8 घंटे निर्धारित की जाए.
  • रनिंग स्टाफ को 36 घंटे के भीतर उनके मुख्यालय वापसी की गारंटी दी जाए.
  • महिला रेलकर्मियों के लिए विशेष अवकाश और स्टेशनों/कारखानों में कॉमन रूम की सुविधा मिले.
  • ट्रैक मेंटेनरों को जीवन रक्षक उपकरण दिए जाएं और असिस्टेंट लोको पायलट (ALP), ट्रैक मशीन व TRD कर्मचारियों को जोखिम भत्ता (Risk Allowance) मिले.
  • रेलकर्मियों के साथ-साथ उनके आश्रित माता-पिता के लिए भी मेडिकल कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और मंडलीय रेल अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं बहाल की जाएं.

इस जन कन्वेंशन में बिपिन बिहारी पंडित, मंटू पासवान, रामाशीष पासवान, दिलीप कुमार सिंह, धनजी, रवींद्र कुमार सिंह, कोटणीस, नंदेलाल, रंजीत कुमार, अखिलेश कुमार, रबीशंकर कुमार, अमित कुमार, हिमांशु कुमार, बब्लू कुमार, मनीष कुमार, विनोद कुमार, शत्रुधन मंडल, अरुण कुमार, विवेक कुमार, रविरंजन कुमार, उपेंद्र कुमार और राजीव कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में रेल कर्मचारी उपस्थित रहे.

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By Prabhat khabar news desk

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