अरियरी. एक पखवारे से बारिश नहीं होने से अरियरी प्रखंड के दर्जन भर से अधिक गांवों में खेतों में लगी धान की फसलें सूखने लगी है. खेतों में दरारें आ गई है.जिससे किसानों के हौसले पस्त हो रहे हैं. इस सम्बन्ध में किसानों ने कहा कि अगर ऐसा ही हाल रहा तो बड़ी संख्या में किसान एक बार फिर बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएंगे. धान की फसलें बढ़ रही है.ऐसे समय में खेतों में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है. लेकिन एक ओर बारिश किसानों के लिए परेशानी पैदा कर रही हैं.वहीं दूसरी ओर अरियरी प्रखंड के विभिन्न गांव में विद्युत आपूर्ति बिल्कुल ही चरमरा गई है .विद्युत व्यवस्था बदहाल रहने से एक तरफ जहां लोगों के समक्ष इस भीषण गर्मी में काफी परेशानियां सामने है वहीं किसानों का हाल तो और भी बदहाल है. एक तरफ जहां बारिश नहीं होने से धान की फसल लगी खेत की मिट्टी अब पूरी तरह सूखने लगी है और कई खेतों में तो दरारें भी दिखने लगी है. ऐसे में विद्युत व्यवस्था बदहाल हो जाने से किसान अपने खेतों में लगी फसल का सुचारू रूप से पटवन भी नहीं कर पा रहे हैं. जिससे हजारों बीघे में लगी धान के फसलों पर सूखने का खतरा उत्पन्न हो गया है.
विधुत आपूर्ति चरमराने से किसानों का हुआ बुरा हाल
इस संबंध में कंबलबीघा गांव निवासी किसान उत्तम कुमार ,ललन प्रसाद, धर्मेंद्र प्रसाद, दामोदर प्रसाद ,गणेश कुमार देवपुरी गांव निवासी किसान सुबोध महतो, प्रदीप महतो ,संजय प्रसाद सहित अन्य गांव के कई किसानों ने कहा कि पिछले कई दिनों से अरियरी प्रखंड के सभी क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था काफी बदहाल हो चुकी है.महज चार से पांच घंटे ही विद्युत की आपूर्ति हो रही है. ऐसे में आखिर किसान अपने खेतों में सही तरीके से पटवन कैसे कर सकेंगे. जबकि पिछले कई दिनों से उपयुक्त बारिश नहीं होने के कारण अब फसल लगी खेत पूरी तरह सूखने लगी है. अगर यही हाल रहा तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी. विद्युत व्यवस्था बदहाल रहने से क्षेत्र के लोगों को इस भीषण गर्मी में लगातार काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है .वही इस संबंध में विद्युत विभाग के के धर्मवीर कुमार ने बताया कि एकाएक ग्रीड पर लोड बढ़ने के कारण रोटेशन के अनुसार अलग-अलग क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
