बिहारशरीफ. जिले को टीबीमुक्त बनाने के लिये स्वास्थ्य विभाग निरंतर सकारात्मक पहल कर रहा है. पिछले एक माह के अंदर विभाग द्वारा कुल 42,044 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है. इसमें से 7,774 लोगों की एक्स-रे जांच कराई गयी है. जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग किये गये कुल 42,044 लोगों में कुल 361 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए हैं. इन सभी का ईलाज शुरू कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता और टीबी विभाग से जुड़े कर्मी लगातार डोर-टू-डोर अभियान चला रहे हैं. लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग जांच कराने से परहेज कर रहे हैं जो चिंता का विषय बना है. उन्होंने बताया कि जब तक लोग स्वेच्छा से स्क्रीनिंग के लिए आगे नहीं आएंगे, तब तक टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को पूरा करने में परेशानी होगी. उन्होंने बताया कि मरीजों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है और सरकार द्वारा सभी मरीजों के लिए नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है.
टीबी रोग के यह सभी है लक्षण :
-3 हफ्ते से ज्यादा समय तक खांसी
-खांसी के साथ खून आना– सीने में दर्द
-शाम को या रात में बुखार आना– तेजी से वजन कम होना और कमजोरी महसूस होना
रोग का यह है इलाज एवं बचाव :
इलाज : इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के एक कोर्स (आमतौर पर 6 महीने या उससे अधिक) से किया जाता है। टीबी का इलाज डॉट्स के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है. इसी प्रकार इस रोग से बचाव के लिये जन्म के तुरंत बाद बीसीजी का टीका लगवाना, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना और पौष्टिक आहार लेना है.