बिहारशरीफ के एनआईसी सभागार में सोमवार को विभागीय साप्ताहिक समन्वय एवं समीक्षा बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता डीएम उदिता सिंह ने की. इस दौरान विभिन्न विभागों की ओर से संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी.
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं में केवल प्रयास दिखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तय लक्ष्य को हर हाल में हासिल करना होगा. बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिले में योजना की वर्तमान उपलब्धि को अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित स्थापना लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए केवल कार्यालय स्तर पर प्रयास करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचानी होगी.
जनप्रतिनिधियों को जोड़ने और जागरूकता अभियान का निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को सफल बनाने के लिए अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम लोगों को साथ लेकर काम करना होगा.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजना के लाभ, प्रक्रिया और सौर ऊर्जा के उपयोग से होने वाले फायदे की जानकारी देने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि योजना की पहुंच जितनी अधिक बढ़ेगी, उतनी ही तेजी से सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना का लक्ष्य पूरा होगा.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लक्ष्य हासिल करने में आने वाली प्रत्येक बाधा को चिन्हित कर उसका तत्काल समाधान किया जाए. योजना की प्रगति की दैनिक स्तर पर निगरानी करने को भी कहा गया.
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोशिश नहीं करना है, लक्ष्य हासिल करना है तभी होगा. उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल प्रयास करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने विभाग की योजनाओं में परिणाम दिखाई देना चाहिए.
टीबी स्क्रीनिंग और राशन कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने जिले में टीबी मरीजों की पहचान के लिए चल रही स्क्रीनिंग की गति और बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उनका उपचार शुरू कराया जा सके.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान को और प्रभावी बनाने तथा निर्धारित लक्ष्य की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया. साथ ही जिले की प्रगति और रैंकिंग में और सुधार के लिए स्क्रीनिंग कार्य को अभियान के रूप में तेज करने को कहा. राशन कार्ड निर्माण की भी बैठक में विस्तृत समीक्षा की गयी.
जिलाधिकारी ने वर्तमान प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित आवेदनों और निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्य को तेजी से पूरा करने को कहा.
उन्होंने कहा कि राशन कार्ड निर्माण जैसे कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए. लंबित मामलों की लगातार समीक्षा कर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ मिल सके.
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन और जमीनी असर की समीक्षा
आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शौचालय की उपलब्धता को लेकर विशेष निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की सुविधा नहीं है, वहां केंद्र की स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी भवन या सरकारी परिसर में संचालित हो रहा है और वहां शौचालय नहीं है, तो आवश्यकतानुसार शौचालय का निर्माण कराया जाए. वहीं, यदि आंगनबाड़ी केंद्र निजी मकान में किराये पर संचालित है और वहां शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे केंद्र को शौचालय युक्त उपयुक्त किराये के भवन में स्थानांतरित किया जाए.
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की समीक्षा केवल कागजी आंकड़ों के आधार पर नहीं की जाए. योजनाओं की वास्तविक स्थिति और जमीनी उपलब्धि पर भी विशेष ध्यान दिया जाए.
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यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच रहा है. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य, उपलब्धि और लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सकेगा.
