बरहोग गांव पहुंचे पप्पू यादव, परिजन को दी सहायता राशि

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को बरहोग गांव पहुंचकर मृतक के माता व पिता से मिलकर सांत्वना दिया

बिंद़ पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को बरहोग गांव पहुंचकर मृतक के माता व पिता से मिलकर सांत्वना दिया। मृतक सोनी देवी के पुत्र सत्यम कुमार को 50 हजार रूपए कि सहायता राशि व दादी कुसुम देवी को 5 हजार रूपए कि सहायता राशि उपलब्ध कराया. मृतक के एकमात्र जिंदा बचे पुत्र की पढ़ाई का सारा खर्च वहन करने को कहा. उन्होंने कहा कि ये बच्चे को सबसे अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कराने का बांदा किया. इस दौरान पीड़ित परिजन को हर संभव सहायता करने का भरोसा दिलाया. सांसद श्री यादव ने कहा कि एक परिवार के पांच लोगों कि मौत बिहार को शर्मशार करने वाली घटना है. सूद पर पैसा लगाकर धमकी देना कि बेटी को उठा लेंगे यह दुर्दांत घटना है. एक परिवार की सारी दुनिया ही उजड़ गई है. यह सबसे घीनौना अपराध है. जो भी दोषी हो उसे कङी से कङी सजा मिलना चाहिए. उस परिवार में सिर्फ एक बच्चा बचा हुआ है. इस दुखद मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा की मैं इस बच्चे को एक बड़ा आदमी बनाऊंगा ताकि बड़ा होकर यह गरीबों की मदद कर सके.पप्पू यादव ने इस मौके पर प्रशासन और सरकार पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा की मुझे समझ में नहीं आता कि यह नालंदा है, पूरी सरकार ही यहां है, फिर भी पांच लोगों की मौत का कोई असर नहीं पड़ता. यह कोई छोटी घटना नहीं है. जो लोग दशरथ माझी का नाम लेते हैं, इससे भी ज्यादा विदारक घटना है यह. सांसद ने इस बच्चे के भविष्य को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा की हम इस बच्चे के लिए 10 लाख रुपए की मांग करते हैं और सरकार इसकी परवरिश करे. राजू दानवीर जी के साथ मिलकर हमलोग इस बच्चे की पूरी परवरिश करेंगे. घटना की प्रकृति को लेकर पप्पू यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि साजिश के तहत हत्या है. उन्होंने आरोप लगाया की दो लाख रुपए के चलते किसी की बेटी को उठाकर ले जाने की धमकी दी जा रही थी. यह पूरी तरह से हत्या है, नरसंहार है. सांसद ने सत्ता और विपक्ष दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, “सत्ता और विपक्ष गाली-गलौज में व्यस्त हैं. उन्हें क्या मतलब है कि कौन मर गया. जिसका परिवार मर गया, हम तो दिल्ली से आए हैं. आज वहां गए, आज यहां आए. पप्पू यादव ने भावुक होते हुए कहा की आज से यह बच्चा मेरा है. यह जो भी बनना चाहे – डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस – हम इसे बनाएंगे. मैंने दानवीर जी से कहा है कि इसे किसी बेस्ट स्कूल के हॉस्टल में डाल दिया जाए. उन्होंने बच्चें की दादी को 2500 रुपये मासिक सहायता राशि देने की बात कही. मरने वालों में धर्मेन्द्र कुमार, सोनी देवी, दीपा कुमारी, अरिका कुमारी व शिवम् कुमार शामिल है. इस परिवार के साथ हम और हमारी पार्टी खड़ा है. मौके पर राजू दानवीर, आशुतोष कुमार, अभय कुमार, संजीव कुमार, गोलू कुमार, अनु कुमार, प्रकाश राम, राम नारायण, अनिल यादव, अरबिंद प्रसाद, नवल ठाकुर व अन्य मौजूद थे.

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Published by: Santosh kumar singh

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