अब सरकार बदने का समय आ गया है: दीपंकर भट्टाचार्य

भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने शनिवार को बिहारशरीफ में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

बिहारशरीफ में भाकपा (माले) का जनसंवाद कार्यक्रम दीपंकर भट्टाचार्य ने नीतीश सरकार साधा निशाना बिहारशरीफ. भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने शनिवार को बिहारशरीफ में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यह कार्यक्रम ””””””””””””””””बदलो बिहार, बदलो सरकार”””””””””””””””” अभियान के तहत आइएमए हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए. सभा को संबोधित करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले साल ‘बदलो बिहार’ पदयात्रा की गई थी, इस साल की शुरुआत ‘बदलो बिहार महाजुटान’ से हुई और अब चुनाव से पहले ‘बदलो सरकार’ अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उन्हें आराम करना चाहिए क्योंकि वे अब शासन चलाने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीतीश कुमार को आगे रखकर पर्दे के पीछे से सरकार चला रही है ताकि उत्तर प्रदेश की तरह बिहार में भी ””””””””””””””””बुलडोजर राज”””””””””””””””” कायम किया जा सके. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि नीतीश सरकार के अपने सर्वे में यह साफ हो चुका है कि बिहार में भयानक गरीबी है, जिसमें 94 लाख परिवार अति गरीब हैं. सरकार ने इन परिवारों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अब उसे नियम-कानून के बहाने लटका दिया गया है. उन्होंने वादा किया कि अगर बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनी, तो यह योजना लागू की जाएगी. साथ ही, हर महिला को हर महीने 2500 रुपये की सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1000 रुपये करने और स्कीम वर्कर्स को सम्मानजनक वेतन देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज जाल से लोगों को छुटकारा दिलाने की भी बात कही गई. कार्यक्रम में भाकपा (माले) के अन्य नेताओं – जनार्दन प्रसाद, का. शशि यादव, अरुण यादव (हिलसा), उमेश पासवान (इस्लामपुर), शिवशंकर प्रसाद (रहुई), वीरेश कुमार (इनौस जिला अध्यक्ष), मकसूदन शर्मा (ऐक्टू) और गिरिजा देवी (ऐपवा) सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया. इसके अलावा इंडियन मुस्लिम लीग के राज्य उपाध्यक्ष इकबाल जफर, सामाजिक कार्यकर्ता आफताब हसन शम्स, जाहिद अंसारी, तबरेज, विश्वनाथ प्रसाद और वकीलों के संगठन आइलाज के नेता कृष्णा प्रसाद यादव ने भी अपने विचार रखे. सभी वक्ताओं ने कहा कि भाकपा (माले) ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो अल्पसंख्यकों और दबे-कुचले वर्गों के हक-अधिकार और सम्मान के लिए लगातार संघर्ष कर रही है.

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Published by: Santosh kumar singh

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