Nalanda News : नालंदा जिला के इस्लामपुर प्रखंड के कई प्लस-टू उच्च विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरियों को पिछले 11 महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. मानदेय के अभाव में उनके सामने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है.
बीईओ-डीईओ कार्यालय के चक्कर काट रहे कर्मी
रात्रि प्रहरियों का कहना है कि वे मानदेय भुगतान की मांग को लेकर कई बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ. उन्होंने स्थानीय विधायक के जनता दरबार में भी अपनी शिकायत रखी, बावजूद इसके भुगतान नहीं हो सका.
प्रधानाध्यापकों के रवैये पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरियों का करीब चार महीने से मानदेय लंबित है, जबकि प्लस-टू उच्च विद्यालयों में कार्यरत प्रहरियों को 11 महीनों से भुगतान नहीं हुआ है. नियम के अनुसार प्लस-टू विद्यालयों में रात्रि प्रहरियों का मानदेय विद्यालय विकास मद से दिया जाना है. आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन का हवाला देकर प्रभारी प्रधानाध्यापक भुगतान टाल रहे हैं.
'विद्यालय की सुरक्षा करने वालों के साथ हो रहा अन्याय'
वरिष्ठ राजद नेता उपेंद्र यादव उर्फ मंत्री जी ने कहा कि रात्रि प्रहरी अपनी जान जोखिम में डालकर विद्यालय भवन, शैक्षणिक सामग्री और अन्य परिसंपत्तियों की रातभर सुरक्षा करते हैं. इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है.
डीएम से तत्काल भुगतान कराने की मांग
उन्होंने नालंदा के जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर प्लस-टू उच्च विद्यालयों में कार्यरत सभी रात्रि प्रहरियों का लंबित मानदेय अविलंब भुगतान कराने की मांग की है. उनका कहना है कि समय पर वेतन मिलने से रात्रि प्रहरी आर्थिक संकट से उबर सकेंगे और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पाएंगे.
