न्यायालय में भ्रष्टाचार रोकने को लेकर नयी मानक संचालन प्रक्रिया

बिहार जिला न्यायालय में भ्रष्टाचार और घूसखोरी रोकने के लिए पटना उच्च न्यायालय ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। अब शिकायतों का होगा त्वरित समाधान।

बिहारशरीफ. जिला न्यायालय में अब कर्मियों या अधिकारियों द्वारा मुकदमा लड़ने वाले लोगों को परेशान करने की शिकायत पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. जिला न्यायालय में कार्यरत कर्मियों और न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और घूसखोरी आदि के शिकायतों के प्राप्ति और उसके समाधान के लिए नए मानक संचालन प्रक्रिया बनाई गई है. पटना उच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में न्यायालय मंडल स्थित संचालित निगरानी कमेटी के स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के समाधान को लेकर यह नवीनतम व्यवस्था की गई है. मानक संचालन प्रक्रिया में आम लोगों, अधिवक्ताओं, अधिवक्ता लिपिक सहित अन्य द्वारा किसी भी प्रकार से घूसखोरी लेना और देना न केवल अपराध माना है बल्कि इसे सामाजिक पतन है. जिसे रोकने की आवश्यकता समय की मांग है. पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक शिव गोपाल मिश्र ने इस संबंध में राज्य के सभी प्रधान जिला जज के साथ यहां भी प्रधान जिला जज संतोष कुमार तिवारी को पत्र लिखकर इस नए मानक संचालन प्रक्रिया को प्रचार प्रसार करने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन करने को कहा है. इस संबंध में प्राप्त जानकारी बताया गया कि न्यायालय मंडल में प्रधान जिला जज की अध्यक्षता में निगरानी कमेटी गठित की गई है. इसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया है. जबकि सदस्य के रूप में इस निगरानी कमेटी में सब जज प्रथम, गवर्नमेंट प्लीडर, लोक अभियोजक, जिला अभियोजन पदाधिकारी, कोर्ट मेनेजर, मुख्य सिरेश्तेदार, अधिवक्ता संघ के दो वरिष्ठ सदस्य, एक क्षेत्र के गणमान्य लोग, एक महिला अधिवक्ता के साथ-साथ दो सबसे कम उम्र के अधिवक्ता के साथ कमेटी गठित की गई है. कमेटी को न्यायालय कर्मचारियों के खिलाफ आने वाले किसी भी समस्या, शिकायत, परेशानी लोगों को परेशान करने वाले शिकायतों के आवेदनों को प्राप्त करने से लेकर उसके निपटारे तक के बारे में पूरी प्रक्रिया वर्णित की गई है. लोगों के शिकायतों को लेकर शिकायत बॉक्स को सीसीटीवी कैमरा के नजर में स्थापित करने के बारे में भी विस्तार से व्यवस्था की गई है. शिकायत दर्ज कराने के लिए ई-मेल और ओनलाइन पोर्टल बना कर उसके भी प्रचार प्रसार करने को कहा है. कमिटी की बैठक प्रत्येक महीने आयोजित करने को कहा गया है. नए मानक संचालन प्रक्रिया के तहत आरोप लगाने वाले लोगों को अपना नाम और पता आवेदन में स्पष्ट रूप से अंकित करने को कहा गया है और अस्पष्ट आवेदनों पर किसी भी प्रकार से विचार नहीं किया जाएगा.

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By Niranjan kumar

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